मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई मेट्रो लाइन 3 (अक्वा लाइन) के अच्युत अत्रे चौक और वरली स्टेशन परिसर में हाल ही में हुई तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके चलते मेट्रो सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं। इस घटना के चलते यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर आशंकाएं सामने आईं। इस संबंध में सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRC) से संबंधित अधिकारियों और निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।


अनिल गलगली का कहना है कि “निर्माण कार्य के दौरान मूसलधार बारिश जैसी स्थितियों का समुचित आकलन नहीं किया गया, जिसके चलते जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। बारिश का पानी सीधे स्टेशन में घुस जाना यह दर्शाता है कि जलरोधी उपाय पूरी तरह से विफल रहे। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सेवा का ठप हो जाना रखरखाव और योजना निर्माण में गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से मेट्रो परियोजना की गुणवत्ता, सार्वजनिक धन के उपयोग और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। अतः संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और ठेकेदारों से क्षतिपूर्ति ली जाए, यह मांग श्री गलगली ने रखी है।


