हरीशचंद्र पाठक/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र में आदिवासी पारधी समाज विकास से कोसों दूर है। आजादी के बाद से अब तक शासन प्रशासन की ओर से इस समाज की ओर से ध्यान न दिए जाने से आज भी इस समाज के लोग रोटी, कपड़ा और मकान के लिए दर दर भटक रहे हैं। जिसके कारण आदिवासी पारधी महासंघ मुंबई नवी मुंबई के अध्यक्ष संतोष एकनाथ पवार एवं कार्यकताओं का एक शिष्टमंडल हाल ही में आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईक से मुलाकात की।
इस दौरान मुंबई प्रदेश व नवी मुंबई आदिवासी पारधी महासंघ के अध्यक्ष संतोष एकनाथ पवार ने मंत्री अशोक उईक को मुंबई उपनगर , नवी मुंबई और थाने में आदिवासी पारधी समाज के पुनर्वसन के बारे में चर्चा की। इसके अलावा नई मुंबई के एमआईडीसी महापे पारधी वाडी घनसोली की झोपड़पट्टी का पुनर्वास करने के पहले किसी भी तरह की कार्यवाही न किए जाने की मांग की।
इसके अलावा यहां मूलभूत सुविधाओं विशेष रूप से शौचालय, पानी और विद्युत को मुहैया कराने के लिए ज्ञापन सौंपा। बता दें कि आदिवासी पारधी समाज आज भी अनेक समस्याओं का सामना कर रहा है। आदिवासी पारधी समाज केबच्चों की शिक्षा एवं रोजगार पर भी मंत्री उईक से चर्चा की गई।
इस दौरान मुंबई एवं नई मुंबई की समस्याओं को हल करने का सकारात्मक आश्वासन मंत्री की ओर से शिष्टमंडल को दिया गया है। वहीं संतोष पवार ने इस बात पर जोर दिया कि मुंबई, नवी मुंबई के पारधी पाड़ा के लोगों का पुनर्वसन योग्य स्थान पर किया जाय। उन्होंने बच्चों की शिक्षा के लिए मुंबई में आश्रम शाला उपलब्ध कराने का सवाल भी उठाया।
इसके अलावा बालवाड़ी, समाज कल्याण हाल पर भी जोर दिया। शिष्टमंडल की ओर से आदिवासी पारधी समाज के लोगों के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, वोटिंग कार्ड जन्म प्रमाणपत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र देने के लिए जहां पर आदिवासी पारधी समाज की बस्तियां हैं वहां पर विशेष रूप से शिविर लगाने की मांग मंत्री से की गई।
आदिवासी पारधी समाज महासंघ के मुंबई और नवी मुंबई के अध्यक्ष संतोष एकनाथ पवार ने बताया कि आज भी संपूर्ण महाराष्ट्र में साठ हजार से अधिक आदिवासी समाज के लोग घर से वंचित हैं। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार को आदिवासी पारधी समाज के विकास पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है।


