मुंबई वार्ता संवाददाता

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के निर्यात पर भी पड़ने लगा है। नवी मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (जेएनपीटी) पर 1,000 से अधिक खाद्य सामग्री से भरे कंटेनर फंस गए हैं, जिससे निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। इन कंटेनरों में अंगूर, प्याज, पपीता समेत कई जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें खाड़ी देशों में भेजा जाना था।


रिपोर्ट के अनुसार नासिक क्षेत्र से भेजे गए करीब 150 कंटेनरों में लगभग 5,400 टन प्याज लदा हुआ है। मिडिल ईस्ट में अस्थिर हालात और समुद्री मार्गों में अनिश्चितता के कारण कई शिपिंग कंपनियों ने खाड़ी क्षेत्र के लिए जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी है, जिससे निर्यात की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।


इस बीच करीब 370 भारतीय कंटेनर जो दुबई पहुंच चुके थे, वे भी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। कंटेनरों को खराब होने से बचाने के लिए उन्हें पोर्ट पर रेफ्रिजरेशन से जोड़ा गया है, जिस पर निर्यातकों को प्रतिदिन हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो निर्यातकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।


