मुंबई वार्ता संवाददाता

भाजपा के वरिष्ठ हिंदूवादी नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबूभाई भवानजी ने कहा है कि तब्लीगी जमात इज्तिमा के नाम पर देश में नफ़रत और घुसपैठ को बढ़ावा देने का काम करती है इसलिए ऐसे संगठनों और आयोजनों पर रोक लगनी चाहिए ।
भवानजी ने एक प्रसिद्धि पत्र में बताया कि तब्लीगी जमात के इज्तिमा के नाम पर हिंदुओं के हत्यारे लाखों बांग्लादेशी, पाकिस्तानी, अफगानी तालिबानी इस आयोजन में आ रहें हैं। यह कार्यक्रम जहां भी होता है वहाँ कट्टरपंथियों की संख्या तेज़ी से बढ़ती है। इस लिए इसे सऊदी अरबिया से लेकर कई मुस्लिम देशों में यह प्रतिबंधित है। तो महाराष्ट्र में यह आयोजन कैसे करने दिया जा रहा हैं ? इस भीड़ से घुसपैठियों को राज्य में बसाने की बड़ी साजिश रची जा रही है।”
उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि महाराष्ट्र में अधिकारियों ने इन्हें इतनी बड़ी छूट क्यों दी? कौन जानबूझकर राज्य को कट्टरपंथ का केंद्र बनने दे रहा है ? तब्लीगी जमात का इज्तिमा केवल मज़हबी सभा नहीं है, यह कट्टरपंथी विचारधारा और घुसपैठ का अड्डा है।”
उन्होंने कहा कि,”10 लाख से अधिक बांग्लादेशी, पाकिस्तानी, रोहिंग्या घुसपैठिये इन आयोजनों के जरिए राज्य में बस सकते हैं। जहां-जहां इज्तिमा हुआ है, वहां कट्टरता बढ़ी है, स्थानीय मुसलमानों की सोच बदली है, और महिलाएं बुरखे में बंद हो गई हैं।महाराष्ट्र में इन आयोजनों के बाद स्थानीय हिंदू समाज के साथ विवाद और सामाजिक तनाव बढ़ता है।”
उन्होंने कहा कि,”हमारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी से मांग है कि तब्लीगी जमात के इज्तिमा की अनुमति तत्काल रद्द करें।साथ ही इस अनुमति को देने वाले अधिकारियों की जांच की जाए।”


