पानी का संकट या सोच का दिवालियापन ?

Date:

● प्रदेश के नेता कब तक सिर्फ अपने क्षेत्र तक ही नल लगाएंगे?

भरतकुमार सोलंकी/ स्तंभकार/मुंबई वार्ता

राजस्थान की तपती ज़मीन पर इस वक्त जो सबसे बड़ा संकट मंडरा रहा हैं, वह केवल पानी का नहीं, सोच का हैं। गर्मी हर साल आती हैं, लेकिन नेताओं की संकीर्ण सोच और सीमित दृष्टिकोण हर बार इस संकट को और गहरा बना देते हैं।

हाल ही में पाली विधायक भीमराज भाटी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर रोहट क्षेत्र की पेयजल समस्या का समाधान मांगा, जो स्वाभाविक हैं — पर चिंताजनक यह हैं कि हर विधायक केवल अपने क्षेत्र के लिए ही पानी मांग रहा हैं। एक जनप्रतिनिधि जब सिर्फ अपनी विधानसभा क्षेत्र तक सीमित होकर पाइपलाइन और टैंकर की मांग करता हैं, तो स्पष्ट होता हैं कि हमारे नेताओं की सोच राज्यव्यापी नीति निर्माण की जगह, क्षेत्रीय टुकड़ों में बंट गई हैं।

■ क्या पानी की व्यवस्था भी अब “वोटबैंक” और “टेंडरबैंक” की राजनीति का हिस्सा बन गई है?

पानी कोई चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि मानवाधिकार हैं, लेकिन दुर्भाग्य यह हैं कि हमारे नेता इसे भी अपनी राजनीतिक बाउंड्री में बाँधने लगे हैं। हर वर्ष प्रदेश का कोई न कोई हिस्सा पेयजल संकट से जूझता हैं, लेकिन सरकारे और विधायक केवल उसी क्षेत्र की फाइलें उठा पाते हैं जहाँ से उन्हें वोट मिला होता हैं। क्या कभी किसी विधायक ने पूरे राज्य की एकीकृत जल वितरण योजना की मांग उठाई? क्या कभी किसी सांसद ने पानी के स्रोतों के पुनर्भरण, संरक्षण और न्यायसंगत वितरण की व्यापक नीति की बात की? नहीं। क्योंकि नीति में वोट नहीं मिलता, नाली में टेंडर मिलता हैं। नेताओं की इस बँटी हुई सोच ने प्रदेश की प्यास को हर साल और ज्यादा गहरा कर दिया हैं।

अब समय आ गया हैं कि जनता खुद सवाल करे – “आप विधायक हैं या वार्ड पार्षद? आपकी सोच सिर्फ अपनी विधानसभा तक ही क्यों सीमित है?” प्रदेश का जल संकट किसी एक जिले की समस्या नहीं हैं, यह सम्पूर्ण राजस्थान का सवाल हैं।हवा की तरह पानी का भी कोई भौगोलिक क्षेत्र नहीं होता। हर नागरिक को समान रूप से शुद्ध जल मिलना चाहिए, चाहे वह रोहट में हो, जैसलमेर में या चूरू में। हमे ऐसी व्यवस्था चाहिए जहाँ नेता टैंकर नहीं, नीति की बात करे।

जनता अब सिर्फ पानी मांगने वाले नेताओं से नहीं, दूरदर्शी समाधान सुझाने वाले नीति-निर्माताओं से उम्मीद करे।वरना हर साल मई-जून में राजस्थान सिर्फ गर्म नहीं होगा, भीतर तक जलेगा — नेताओं की नालियों में बंटी हुई सोच से।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

सत्ता-वाटप पर नहीं बनी सहमति, मुंबई महापौर चुनाव स्थगित।

मुंबई वार्ता संवाददाता भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (शिंदे...

वेतन न मिलने से मुंबई के सरकारी बालगृहों की सुरक्षा खतरे में, 40 सुरक्षाकर्मी ड्यूटी से नदारद।

मुंबई वार्ता संवाददाता मुंबई के तीन सरकारी संचालित बालगृहों...

ओशिवारा फायरिंग मामला: अभिनेता-निर्माता कमाल आर. खान गिरफ्तार।

मुंबई वार्ता संवाददाता मुंबई पुलिस ने ओशिवारा इलाके में...

कुरियर से हो रही सोने की तस्करी का पर्दाफांश।

● करोडो का सोना बरामांद, दो गिरफ्ताऱ. मुंबई वार्ता संवाददाता...