सतीश सोनी/मुंबई वार्ता

पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल द्वारा ‘विश्व पर्यावरण दिवस 2025’ के उपलक्ष में 22 मई से 5 जून, 2025 अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, जिसका मुख्य विषय ‘प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करना’ है।
अभियान की शुरुआत 22 मई को विभिन्न गतिविधियों के साथ हुई, जिसमें कार्यक्रम का शुभारंभ, जागरूकता अभियान, प्लास्टिक कचरे का आकलन और निपटान, प्रचार सामग्री का प्रदर्शन, और कर्मचारियों के लिए प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने, पुनर्चक्रण और अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्यशालाएं शामिल थीं।


इन पहलों का उद्देश्य यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय समुदायों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और उचित अपशिष्ट निपटान तरीकों को अपनाने के महत्व के बारे में शिक्षित करना है।
इस अभियान के तहत, प्लास्टिक कचरे के निपटान और प्रबंधन के लिए सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं ताकि प्लास्टिक प्रदूषण को कम किया जा सके। इस अभियान को आगे बढ़ते हुए आज सुबह, 23 मई 2025 को, प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक प्रभात फेरी का आयोजन किया गया, जिससे पर्यावरण पर प्लास्टिक कचरे के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
राजकोट रेल मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री कौशल कुमार चौबे के नेतृत्व में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर श्री मेघराज तातेड़ सहित विभिन्न विभागों के शाखा अधिकारी, अन्य रेलवे अधिकारी और कर्मचारी, सिविल डिफेंस कर्मी, स्काउट और गाइड, और स्थानीय स्कूलों के छात्र की उपस्थिति में संचालित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत, प्लास्टिक के उपयोग को सीमित करने, प्लास्टिक के उपयोग से पर्यावरण और परिस्थिति की तंत्र पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को रेखांकित करने वाले स्लोगन लिखे बैनर और पोस्टर के साथ एक रैली निकाली गयी। यह रैली डीआरएम ऑफिस से शुरू होकर रेलवे कॉलोनी होते हुए निकाली गयी जिसका समापन डीआरएम ऑफिस पर ही किया गया।
इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को भी शामिल किया गया ताकि वर्तमान के साथ-साथ भविष्य में आने वाली पीढ़ियाँ भी प्लास्टिक कचरे से पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के प्रति सजग रहे। इसके अलावा इस पहल का उद्देश्य जनसमुदाय को पर्यावरण के अनुकूल जीवन पद्धति अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करना था।


