मुंबई वार्ता संवाददाता

● 25 वर्ष पुराने झोपड़े पर कार्रवाई से मनपा के कार्यकलाप पर उठे सवाल
● पूर्व नगरसेविका के पति के दबाव में कार्रवाई किए जाने का झोपड़ा मालिक का आरोप


भिवंडी मनपा अधिकारियों का अजीबोगरीब कारनामा प्रकाश में आया है। प्रभाग समिति क्रमांक 3 अंतर्गत क्षेत्र में मनपा अधिकारियों के आशीर्वाद से जहां दो दर्जन से अधिक अवैध इमारतों का निर्माण धड़ल्ले से जारी है।वही 25 साल पहले बने दो झोपड़ों को मनपा ने बुल्डोजर लगाकर ध्वस्त कर दिया।जबकि इन झोपड़ों का 2025 तक घर-कर व जल-कर भी भरा हुआ था।झोपड़ा मालिक का आरोप है कि मनपा के उच्च अधिकारियों ने पूर्व नगरसेविका के पति के दबाव में आकर तथा बड़े पैमाने पर लेन देन कर कार्रवाई को अंजाम दिया है।
● मनपा के जुर्म के शिकार हुए झोपड़ा मालिक
अरुण बिंद ने बताया कि भिवंडी के आगरा रोड पर बीजेपी कार्यालय के बगल में मौजे कामतघर, नवीन कणेरी में सर्वे नंबर 30/1, सी.एस. नंबर 9142 में घर नंबर 187/1/28/G/1 को उन्होंने 2008 में सुरेंद्र तिवारी से खरीदा था।जिसे गिरिधर बृजलाल लालवानी ने उनको बेचा था और वर्ष 2008 से इनके कब्जे में है।जिसका मनपा द्वारा असेसमेंट किए जाने के साथ ही उनका 2025 तक घर-कर व जल-कर भी क्लियर था। इसी के बगल में सर्वे नंबर 30/1 पर ही बना घर 188/1/29/G/2 पर बने झोपड़े का निर्माण 1981 में किया गया था और इसका भी मनपा का तमाम सुविधा कर क्लियर था।जिसको उन्होंने भाड़े पर लेकर फास्ट फूड की दुकान खोल रखा था।जिसका मामला कोर्ट में विचाराधीन है।बावजूद इसके प्रभाग तीन के सहायक आयुक्त सुरेंद्र भोईर व प्रभारी बीट निरीक्षक सूरज गायकवाड़ की अगुवाई में ध्वस्त कर दिया गया।
अरुण बिंद ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके दोनों ही झोपड़ों पर कार्रवाई राजनीतिक दबाव में आकर व बड़े पैमाने पर आर्थिक लेनदेन करके किया गया है।उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि उनके ही सोसायटी में रहने वाले पूर्व नगरसेविका के पति की उनके झोपड़े पर कुदृष्टि थी।जिसे वह हड़पना चाहता था।लेकिन अपने मंसूबे में सफल न होने के कारण उसने दबाव बनाकर उनके झोपड़े पर कार्रवाई करवाया है।उनका आरोप है कि जिस बिल्डिंग में पूर्व नगरसेविका रहती है उसका भी दो मंजिला अवैध है क्या मनपा प्रशासन उस पर कार्रवाई की हिम्मत जुटा पाएगा?शहर में इस प्रकार हजारों झोपड़ों पर मनपा कब करेगी कार्रवाई ?
पूर्व नगरसेवक सुनील पाटील ने कहा है कि मनपा ने जिन दो झोपड़ों पर कार्रवाई की है उस प्रकार शहर में कई हजार झोपड़े बने हुए है,क्या मनपा प्रशासन सभी पर कार्रवाई करेगा। कुछ दिन पहले तत्कालीन आयुक्त अजय वैद्य ने इन झोपड़ों पर कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया था।उन्होंने कहा था कि इस झोपड़े पर कार्रवाई की गई तो शहर के हजारों झोपड़ों पर कार्रवाई करना पड़ेगा।
पूर्व नगरसेवक ने आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रभाग समिति तीन अंतर्गत क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा अवैध तरीके से बिल्डिंगों का निर्माण शुरू है।जिन पर तोड़क कार्रवाई के बजाय मनपा के अधिकारियों का इन्हें संरक्षण प्राप्त है।ऐसे में मनपा के अतिक्रमण विभाग के उपायुक्त क्षीरसागर इनको बढ़वा दे रहा है।मनपा के नवनियुक्त आयुक्त अनमोल सागर से मांग है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करे और शहर को अवैध निर्माण से मुक्ति दिलाए।
● दबाव के कारण किया कार्रवाई
मनपा प्रभाग समिति तीन के सहायक आयुक्त सुरेंद्र भोईर का कहना है कि इतने पुराने झोपड़े पर कार्रवाई वह नहीं करना चाहते थे।लेकिन उनके ऊपर के अधिकारियों द्वारा लगातार बनाए जा रहे दबाव के कारण मजबूर होकर उन्हें अपनी नौकरी बचाने के लिए यह कार्रवाई करनी पड़ी।हालांकि इन झोपड़ों पर कार्रवाई करने पर भिवंडी पूर्व के विधायक रईस शेख ने मनपा अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाया है। उन्होंने खुद मनपा उपायुक्त क्षीरसागर को कॉल कर 25 वर्ष पुराने बने इन झोपड़ों पर किसी प्रकार की कार्रवाई न करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद झोपड़े पर किए गए कार्रवाई व अवैध निर्माणों को दिया जा रहा संरक्षण मनपा प्रशासन के क्रियाकलापों पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।


