मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

स्थानीय निकाय चुनावों में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ गठबंधन या मोर्चे को लेकर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है। यह बताते हुए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि नासिक में आज हुई बैठक में कांग्रेस के प्रतिनिधि के तौर पर गए लोगों को पार्टी ने नहीं भेजा था, उनकी उपस्थिति से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है, उन लोगों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।


बुलढाणा में मीडिया से बात करते हुए, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि राज्य में नगर पालिका और नगर पंचायत चुनावों की घोषणा हो चुकी है और अब तक इच्छुक उम्मीदवारों के 35 हज़ार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इन आवेदनों की जाँच चल रही है और 12 तारीख को राज्य संसदीय बोर्ड की बैठक हो रही है, इसी बैठक में उम्मीदवारों के बारे में फैसला लिया जाएगा।
■ मुंबई महानगरपालिका पर अभी फैसला नहीं…
मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कई नेताओं, पदाधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की राय है कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव अपने दम पर लड़ा जाना चाहिए, ऐसी भावनाएँ बार-बार व्यक्त की गई हैं, लेकिन मुंबई महानगरपालिका चुनाव की घोषणा अभी नहीं हुई है।


हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि चुनाव की घोषणा होने के बाद इस बारे में फैसला लिया जाएगा। सरसंघचालक मोहन भागवत के बयान पर बोलते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मोहन भागवत भ्रमित हैं, उनके बयान लगातार बदल रहे हैं। वह कभी समाज में छुआछूत, स्त्री-पुरुष समानता की बात नहीं करते, वह सिर्फ़ एक ख़ास वर्ग के एकाधिकार की बात करते हैं, उन्हें गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी बात नहीं सुनी। भागवत और संघ ने उन्हें 75 साल बाद संन्यास लेने को कहा था, इसके बावजूद नरेंद्र मोदी ने उनकी बात अनसुनी कर दी। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कहा था कि अजित पवार को सत्ता में न लाएँ, लेकिन उन्होंने भी मोहन भागवत की बात नहीं मानी।


हर्षवर्धन सपकाल ने सवाल किया है कि अगर मोहन भागवत के परिवार में ही उनके आदेश या निर्देश का पालन नहीं होता, तो देश की जनता उनकी बात कैसे मानेगी?


