श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

शालेय शिक्षण विभाग ने महाराष्ट्र में पहली कक्षा से ही हिंदी अनिवार्य कर दिया है। इससे एक नया विवाद खड़ा होने की आशंका है।


महाराष्ट्र में पहली कक्षा से मराठी, इंग्लिश के साथ हिंदी पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि, ” महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है। क्या दूसरे राज्यों में मराठी भाषा को अनिवार्य किया जाएगा?
हालाकि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने स्पष्ट किया कि हिंदी में कामकाज को बढावा देने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि मराठी भाषा नहीं सिखाया जाएगा। सभी विद्यार्थियों को मराठी, इंग्लिश के साथ हिंदी भी सिखाई जाएगी।”


