मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

गणेशोत्सव के नज़दीक आते ही सार्वजनिक निकायों की तैयारियाँ भी ज़ोरों पर शुरू हो गई हैं। हालाँकि, इस साल मंडप निर्माण के काम में एक बड़ी बाधा आ गई है, वह है मुंबई नगर निगम के नए ‘जुर्माना नियम’। अगर गणेश मंडल सड़क पर गड्ढे खोदते हैं, तो उन्हें प्रत्येक गड्ढे के लिए १५,००० रुपये का जुर्माना देना होगा। मंडलों ने इस फैसले का विरोध किया है और नगर निगम से इस फैसले को वापस लेने की माँग कर रहे हैं।


नगर निगम ने एक परिपत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि यदि मंडप के लिए सड़क या फुटपाथ पर गड्ढा खोदा जाता है, तो प्रत्येक गड्ढे के लिए १५,००० रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पहले यह जुर्माना केवल २,००० रुपये था।
इसका मतलब है कि यह जुर्माना साढ़े सात गुना बढ़ा दिया गया है। इसलिए, कई सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों ने राय व्यक्त की है कि यह कार्रवाई ‘अनुचित’ है।संरचना की दृष्टि से मंडप के निर्माण के लिए गड्ढे खोदना आवश्यक है। ऐसे में इतना बड़ा जुर्माना उन पर आर्थिक बोझ बनकर आएगा।
कुछ मंडलों ने इस मुद्दे पर नगर निगम से चर्चा करने और निर्णय को वापस लेने की भी मांग की है।सड़कों और फुटपाथों पर गड्ढा मुक्त मंडप के निर्माण के लिए प्रभावी तकनीक उपलब्ध है। बृहन्मुंबई नगर निगम श्री गणेशोत्सव मंडलों से विनम्र अपील कर रहा है कि वे इसी तकनीक का उपयोग करके मंडप का निर्माण करें। यदि यह पाया जाता है कि मंडल निर्माण के दौरान कोई गड्ढा खोदा गया है, तो सड़क पुनर्निर्माण की लागत और जुर्माने के लिए प्रति गड्ढे की राशि संबंधित मंडलों से वसूल की जाएगी।



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