मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

मुंबई नगर निगम शहर और उपनगरों में अपशिष्ट जल का प्रसंस्करण करके और उस पानी को पीने के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए पुन: उपयोग करके समुद्री जल के प्रदूषण को रोकने हेतु सात स्थानों पर १७,१८२ करोड़ रुपये की लागत से सात सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) का नवीनीकरण कर रहा है।यह एसटीपी परियोजना प्रतिदिन २,४६४ मिलियन लीटर अपशिष्ट जल का प्रसंस्करण करेगी। इसमें से ५० प्रतिशत पानी प्रसंस्करण के बाद समुद्र में छोड़ा जाएगा, जबकि शेष ५० प्रतिशत ईंधन कंपनियों, नौसेना खेल क्लबों आदि को बेचा जाएगा।


भविष्य में, निगम की योजना बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए, २०५१ तक १०० प्रतिशत पानी का प्रसंस्करण करके पीने के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग करने की है।नए एसटीपी से समुद्री जल की गुणवत्ता के साथ-साथ समुद्री जीवन में भी सुधार होगा।
नगरपालिका की योजना एसटीपी संयंत्र के तहत पानी के प्रसंस्करण के बाद बचे हुए गाद को उर्वरक या ईंधन में बदलने की भी है।नगरपालिका उपचारित लेकिन पीने योग्य नहीं पानी की बिक्री से भी आय अर्जित करेगी। इसी प्रकार, बांद्रा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के स्थल पर बच्चों के लिए एक ज्ञान केंद्र सहित एक बड़ा बगीचा बनाया जाएगा। समुद्र की ओर एक दर्शक दीर्घा भी बनाई जाएगी। मीठी नदी के दूषित पानी का भी बांद्रा परियोजना स्थल पर प्रसंस्करण किया जाएगा।



बहुत सुंदर परियोजना