■ मुंबई क्राइम ब्रांच की समाज सेवा शाखा बंद!
श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई पुलिस ने अब पूरे मुंबई शहर में चलने वाले डांस-बारों की अवैध-गतिविधियों, अवैध जुए के अड्डों और वेश्यावृत्ति पर रोक लगाने की जवाबदारी क्राइम ब्रांच को दे दी है। खबर है कि उपर्युक्त हरकतों पर लगाम लगाने के लिए बनाई गई समाज सेवा शाखा बंद कर दी गई है।


ज्ञात हो कि पूरे मुंबई में डांस-बार में अवैध कृत्य समय सीमा का उल्लंघन कर किया जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार विभिन्न इलाके के डांस बार में बार बालाओ की संख्या का खुलेआम उल्लंघन किया जाता प्रदर्शित किया जाता रहा है। मुंबई के कई इलाकों में जुए के अड्डे चलाए जा रहे हैं। वेश्यावृत्ति अपने चरम सीमा पर है। इन सभी गतिविधियों को रोक पाने में असमर्थ साबित हो रही मुंबई क्राइम ब्रांच की समाज सेवा शाखा को बंद कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि मुंबई जैसे शहर में जिसकी आबादी डेढ़ करोड़ के करीब है, अपराधियों की भरमार है। मुंबई क्राइम ब्रांच की अपराधियों को कुशलतापूर्वक पकड़ने की कार्य कुशलता के कारण ही मुंबई में अपराधी, अपराध करने से डरते हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच के ऊपर पहले से ही अंडरवर्ल्ड, ड्रग्स, फिरौती, हत्या, क्रिकेट सट्टेबाजी इत्यादि मामलों पर रोक लगाने की जिम्मेदारी है। अब ऐसे हालात में यदि वेश्यावृत्ति, जुआ इत्यादि मामलों को रोकने के लिए एक विभाग को ही बंद कर, उसकी जिम्मेदारी भी क्राइम ब्रांच पर डाली जाएगी तो कहना गलत नहीं होगा कि पुलिस प्रशासन वेश्यावृत्ति, जुए इत्यादि को रोकने की सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है।
पुलिस महकमे के सूत्रों के अनुसार समाज सेवा शाखा पिछले कुछ महीनों से निष्क्रिय पड़ी थी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पूरा विभाग ही बंद कर दिया गया है। और उनके काम की जिम्मेदारी भी क्राइम ब्रांच पर डाल दी गई है।अब इससे पुलिस आला अधिकारियों का दिमागी दिवालियापन ही प्रकट होता है। कोई विभाग निष्क्रिय हो गया हो तो उसे सक्रिय करने के तरीकों पर विचार करने की बजाय पूरा विभाग ही बंद कर उसकी अतिरिक्त जवाबदारी एक सक्रिय क्राइम ब्रांच विभाग को देने से सवाल यह उठता है कि-
● क्या क्राइम ब्रांच पर काम का बोझ नहीं बढ़ेगा ?
● क्या इस अतिरिक्त बोझ के कारण क्राइम ब्रांच की कार्यशैली में शिथिलता नहीं आएगी ?
● और अगर ऐसा हुआ तो क्या मुंबई अंडरवर्ल्ड, ड्रग्स, अपहरण, हत्या जैसे संगीन अपराधों पर मुंबई पुलिस रोक लगाने में समर्थ रह पाएगी ?
इन सवालों का जवाब तो भविष्य की झोली में ही मिलेगा , लेकिन ऐसा न हो कि तब तक अच्छा खासा मुंबई क्राइम ब्रांच भी मुर्गी पकड़ने जैसे कार्यो में उलझ कर रह जाए और मुंबई शहर की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगने लगे।



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