मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने घोषणा की है कि पिछले चार दिनों से राज्य में कई जगहों पर लगातार बारिश के कारण अब तक २१ लोगों की मौत हो गई है। जबकि १२ लोग घायल हुए हैं, २२ जानवरों की मौत हो गई है। पुणे और नांदेड़ जिलों में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं, दोनों जिलों में तीन-तीन लोगों की जान चली गई है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने बुधवार को २४ मई से २७ मई के बीच हुई भारी बारिश पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट के अनुसार, सिंधुदुर्ग जिले में 25 मई को और मुंबई में २६ मई को मानसून आया था। २४ से २७ मई के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। डूबने, बिजली गिरने, दीवार गिरने और पेड़ गिरने जैसे विभिन्न कारणों से राज्य भर में २१ लोगों की मौत हो गई है। जबकि 11१२ लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा २२ गाय और भैंस मर गई हैं और २ घायल हुए हैं।
पश्चिमी विदर्भ के बुलढाणा, अकोला, यवतमाल और अमरावती जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई है। मंगलवार शाम से बारिश जारी है। पूर्णा और विदर्भ नदियों की बाढ़ में यवतमाल और बुलढाणा जिलों के दो लोग बह गए। उनकी मौत हो गई। उत्तर महाराष्ट्र में नासिक, जलगांव, धुले, नंदुरबार में भी मानसून ने जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि पुणे में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश ने विराम ले लिया है।


