■ संविधान सत्याग्रह पदयात्रा को जनता का भारी प्रतिसाद, पदयात्रा के दूसरे दिन का मुकाम खडकी में।
मुंबई वार्ता संवाददाता

महात्मा गांधी ने समाजवाद, सामाजिक न्याय, सत्य और अहिंसा की शिक्षा दी, जबकि असत्य और हिंसा संघ की विचारधारा है। देश के विभाजन के लिए महात्मा गांधी को जिम्मेदार ठहराने का अपप्रचार संघ और संघ परिवार ने किया। लेकिन द्विराष्ट्रवाद का सिद्धांत किसने प्रस्तुत किया, यह सबको पता है। बदनामी महात्मा गांधी की की गई, लेकिन आज वही संघ महात्मा गांधी को शरण गया, यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वैचारिक पराजय है, ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


नागपुर की दीक्षाभूमि से शुरू हुई संविधान सत्याग्रह पदयात्रा के दूसरे दिन सुबह 6.30 बजे यात्रा फिर से प्रारंभ हुई। दोपहर में सावंगी में विश्राम किया गया और रात्रि का मुकाम खडकी में है। इस पदयात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी, आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री वसंत पुरके, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र मुलक, वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश भोयर, महासचिव संदेश सिंघलकर समेत कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।


इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि, झूठ बोलकर आज भाजपा सत्ता में आई है, लेकिन महात्मा गांधी नाम का संत भाजपा और आरएसएस के सिर पर सवार है। संघ के 100 वें वर्ष में यह एक स्वर्ण अवसर है कि भारत का संविधान और महात्मा गांधी के विचार संघ को स्वीकार करने चाहिए। कांग्रेस ने यह आह्वान किया है, लेकिन आरएसएस की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उनके पैरों तले की जमीन खिसक चुकी है।
भारत-पाकिस्तान एशिया कप भारत ने पहली बार नहीं जीता है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें भी राजनीति करने का अवसर नहीं छोड़ा। हवा हो, पानी हो या खेल – नरेंद्र मोदी ध्रुवीकरण करने के लिए हर चीज में राजनीति ले आते हैं, यह उनकी एक्स पर की गई पोस्ट से स्पष्ट होता है। भारतीय टीम ने शानदार विजय हासिल की, इस पर हमें गर्व है, लेकिन देश की एक विशिष्ट प्रतिष्ठा होती है, जिसे नरेंद्र मोदी बरकरार नहीं रखते, ऐसा भी सपकाल ने कहा।


