मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

मुंबई रेल्वे विकास निगम ने विरार से दहानू तक 64 किलोमीटर लंबे मार्ग को चार लेन का बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसी परियोजना के विस्तार के तहत, अब रेलवे लाइन के किनारे सात नए रेल्वे स्टेशन बनाए जाएँगे। रेल्वे का दावा है कि इससे क्षेत्र में यात्रा और अधिक आरामदायक हो जाएगी। हालाँकि, पिछले कुछ वर्षों से यात्रियों का आरोप है कि चुनाव से ठीक पहले ऐसी घोषणाएँ की जा रही हैं।


पालघर जिले का क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों से तेज़ी से विकसित हो रहा है। पालघर के विभिन्न हिस्सों से पश्चिम रेल्वे पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। वर्तमान में, विरार और दहानू रोड के बीच केवल नौ स्टेशन हैं, जिनके नाम वैतरणा, सफले, केल्वे रोड, पालघर, उमरोली, बोईसर और वनगांव हैं। इन स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या अधिक है। आमतौर पर ५ से ६ लाख से अधिक यात्री विरार से और २.५ लाख से अधिक यात्री दहानू यात्रा करते हैं।


इसके अलावा, वैतरणा और बोईसर स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या भी अधिक है।मुंबई रेल्वे विकास निगम (एमआरवीसी) ने विरार से दहानू रोड तक ६४ किलोमीटर के मार्ग को चार लेन का बनाने का काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना पर ३,५७८ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह परियोजना जून २०२७ तक पूरी होनी है और अब तक ४१% काम पूरा हो चुका है। इनमें गढ़घिव, सरतोडी, मकुनसर, चिंटूपाड़ा, पांचाली, वंजारपाड़ा, बीएसईएस कॉलोनी जैसे स्टेशन शामिल हैं।
रेल्वे ने कहा है कि चार-पंखिया निर्माण कार्य पूरा होने और आवश्यकतानुसार, नए स्टेशनों का विकास चरणों में किया जाएगा।


