मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र सरकार की सेवाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए, सरकारी पोर्टल “आपले सरकार” की 500 से अधिक सेवाएं अब सीधे व्हॉट्सअॅप पर उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई टेक वीक 2025 के उद्घाटन के दौरान यह घोषणा की।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार की उपस्थिति में आपले सरकार व्हॉट्सअॅप चैटबॉट को लेकर महाराष्ट्र सरकार और मेटा के बीच समझौता (MoU) हुआ।
● महाराष्ट्र का तकनीकी विकास का दृष्टिकोण
लोकमत समूह के संयुक्त प्रबंध निदेशक ऋषि दर्डा के साथ साक्षात्कार के दौरान, मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र के भविष्य के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र स्टार्टअप और तकनीकी क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है। सरकार फिनटेक और एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिससे महाराष्ट्र को ट्रिलियन-डॉलर अर्थव्यवस्था में तब्दील किया जा सके।मुख्यमंत्री ने वॉर रूम अवधारणा का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे मुंबई मेट्रो, कोस्टल रोड और अटल सेतु जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं की गति तेज हुई है। पहले कई सरकारी एजेंसियों से अनुमति लेने में देरी होती थी, लेकिन अब अधिकारियों को एक ही मंच पर लाकर त्वरित निर्णय लिए जा रहे हैं।
●बुनियादी ढांचे और भविष्य की विकास योजनाएं
अगले पांच वर्षों में महाराष्ट्र सरकार तीन बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देगी:वधावन बंदरगाह: यह जेएनपीटी से तीन गुना बड़ा होगा, जिसकी गहराई 20 मीटर होगी, जिससे दुनिया के सबसे बड़े जहाज यहां आ सकेंगे।नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: इस हवाई अड्डे के साथ-साथ इसे एक प्रमुख वाणिज्यिक और तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।नई स्मार्ट सिटीज: ये शहर मुंबई से बड़े होंगे और उद्योगों के लिए अधिक अवसर प्रदान करेंगे, जिससे मुंबई पर बोझ कम होगा।
●साइबर सुरक्षा उपाय
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भविष्य में 70% अपराध साइबर अपराध होंगे। इसे रोकने के लिए भारत का सबसे आधुनिक साइबर सुरक्षा केंद्र नवी मुंबई में स्थापित किया गया है, जिससे सभी बैंक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जुड़े होंगे और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।उन्होंने यह भी कहा कि 2000 से 2014 के बीच आईटी क्षेत्र में कम निवेश होने के कारण कई कंपनियां बेंगलुरु और हैदराबाद चली गई थीं। लेकिन अब अटल सेतु जैसी परियोजनाओं की वजह से नवी मुंबई तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है। इसके अलावा, नवी मुंबई, ठाणे और वधावन में नई स्मार्ट सिटीज विकसित की जाएंगी, जिससे मुंबई के बुनियादी ढांचे पर दबाव कम होगा।


