■ 463 पर दंड, ₹1.7 लाख जुर्माना।
जय सिंह / मुंबई वार्ता
सेंट्रल रेलवे की उपनगरीय और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में पिछले 20 दिनों में मानो ‘चेन-पुलिंग महामारी’ फैल गई हो। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे 666 बार यात्रियों ने बिना किसी आपातस्थिति के अलार्म चेन खींच दी । नतीजा, दर्जनों ट्रेनें लेट, शेड्यूल चरमराया और यात्रियों की परेशानियाँ बढ़ीं।रेल प्रशासन ने 463 यात्रियों पर जिम्मेदारी तय करते हुए करीब ₹1.7 लाख का जुर्माना ठोका है।

अधिकारियों का कहना है कि “बिलकुल मामूली वजहों” से चेन-पुलिंग की जा रही है । कभी किसी का स्टेशन छूट गया, तो कभी किसी का दरवाज़ा बंद हो गया, और कुछ लोग तो भीड़ में उतर न पाने पर चेन खींचकर पूरी ट्रेन रोक देते हैं।


रेलवे ने कड़ा संदेश देते हुए दोहराया है कि अलार्म चेन सिर्फ ‘इमरजेंसी’ के लिए है, और उसका दुरुपयोग ट्रेन संचालन को बाधित करता है।अधिकारी बताते हैं कि हर चेन-पुलिंग के बाद लोको पायलट और गार्ड को सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जांच करनी पड़ती है, जिससे ट्रेनों में देरी होती है और पूरी लाइन प्रभावित होती है।


रेलवे ने यात्रियों से अपील की है —“बिना आपातकालीन स्थिति के चेन न खींचें; आपकी एक हरकत हज़ारों का समय बिगाड़ देती है।”


