GST के माध्यम से किसानों की लूट: हर्षवर्धन सपकाल।

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● MSP में मोदी सरकार द्वारा की गई वृद्धि यूपीए सरकार की तुलना में बेहद मामूली; लागत का डेढ़ गुना MSP देना तो दूर की बात.

● 3 जून को यवतमाल के दाभडी गांव में कांग्रेस की पदयात्रा, नरेंद्र मोदी को 10 साल पहले किए गए वादों की दिलाई जाएगी याद!

मुंबई, दि. 30 मई 2025

भाजपा सरकार खुद को किसानों पर उपकार करने वाला बता रही है क्योंकि उसने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में थोड़ी बहुत वृद्धि की है। लेकिन यह वृद्धि नाकाफी और दिखावटी है। कांग्रेस के नेतृत्व में डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने 2004 से 2014 के बीच MSP में 120% से 150% तक की वृद्धि की थी। इसके मुकाबले मोदी सरकार ने 2014 से 2024 के बीच केवल 45% की वृद्धि की है। लागत से देड गुना भाव देना दूर मोदीजी GST के माध्यम से किसानोंको लूट रही है, ऐसा तीखा हमला महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने किया है।

गांधी भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सपकाल ने कहा कि सरकार एक ओर MSP में मामूली वृद्धि कर रही है, वहीं दूसरी ओर कृषि की लागत कई गुना बढ़ा दी है। यूपीए सरकार के समय डीजल 48 रुपये प्रति लीटर था, जो अब 96 रुपये हो गया है। कीटनाशक, खाद और बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी खत्म कर दी गई है। कृषि सामग्री पर 18% GST लगाकर किसानों को लूटा जा रहा है। इसलिए MSP में की गई वृद्धि महज़ एक दिखावा है, महंगाई के चलते किसान को उसका कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा।2023-24 के कृषि उत्पादन व सरकारी खरीदी के आंकड़े:

•ज्वार उत्पादन: 47.37 लाख टन, खरीदी: 3.23 लाख टन • मक्का उत्पादन: 376.65 लाख टन, खरीदी: 5 हजार टन • बाजरा उत्पादन: 107.16 लाख टन, खरीदी: 7 लाख टन •रागी (नाचणी) उत्पादन: 16.70 लाख टन, खरीदी: 2.31 लाख टन

• चना उत्पादन: 115.76 लाख टन, खरीदी: 43 हजार टन

इनसे यह स्पष्ट होता है कि किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों को बेचनी पड़ती है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।महाराष्ट्र में हर साल सरकार MSP खरीद घोषित करती है लेकिन खरीदी केंद्रों की भारी कमी रहती है। और यदि केंद्र खुल भी जाएं तो प्रक्रिया इतनी जटिल होती है कि उसका लाभ व्यापारी उठा लेते हैं। इस वर्ष सोयाबीन का MSP 4800 रुपये था, पर किसानों को औसतन केवल 4000 रुपये मे ही अपनी फसल व्यापारियोंको बेचनी पडी.संसद की कृषि स्थायी समिति ने भी सुझाव दिया था:

•MSP को कानूनी गारंटी दी जाए

* कृषि पर लगे टैक्स हटाए जाएंलेकिन मोदी सरकार ने इन सिफारिशों को कूड़ेदान में फेंक दिया।

कांग्रेस पार्टी ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर MSP को कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाया जाएगा और इन सिफारिशों को लागू किया जाएगा।3 जून को यवतमाल के दाभाडी गांव में कांग्रेस की पदयात्रा — “क्या हुआ तेरा वादा?”2014 में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी ने यवतमाल के दाभाडी गांव में “चाय पर चर्चा” कार्यक्रम में किसानों से कई वादे किए थे:

•किसानों की आय दोगुनी करेंगे

• लागत का डेढ़ गुना MSP देंगे

•स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करेंगे

•किसानों की आत्महत्याएं बंद होंगीलेकिन 11 साल बीत जाने के बाद भी एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। उल्टा, किसानों की आत्महत्याएं बढ़ी हैं ।आज भी प्रतिदिन 6 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। इन झूठे वादों का जवाब मांगने के लिए कांग्रेस पार्टी 3 जून को “क्या हुआ तेरा वादा?” यह पदयात्रा निकालने जा रही है।

● कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे का दिमाग ठिकाणे है क्या?

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा था कि “मेरे मंत्रिमंडल में कोई गलत काम नहीं करेगा”, लेकिन उनके कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे बार-बार किसानों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने पहले किसानों की तुलना भिखारियों से की, फिर कहा कि कर्जमाफी से किसान बेटियों की शादी और सगाई करते हैं। अब कह रहे हैं कि “ढेले का पंचनामा करें क्या?” यह भाषा अस्वीकार्य है। क्या ऐसे मंत्री का मानसिक संतुलन ठीक है? मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री को उन्हें फौरन चेतावनी देनी चाहिए। नहीं तो कांग्रेस और किसान खुद उन्हें सबक सिखाएंगे, ऐसी कड़ी चेतावनी हर्षवर्धन सपकाल ने दी।

इस पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद कुमार केतकर भी उपस्थित थे।

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