मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

भोंदूबाबा अशोक खरात मामले को लेकर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में महिलाओं के कथित शोषण से जुड़े वीडियो सार्वजनिक होना अत्यंत आपत्तिजनक और चिंताजनक है।


मीडिया से बातचीत में वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि अशोक खरात ने अंधविश्वास के नाम पर कई वर्षों तक सैकड़ों महिलाओं का कथित यौन शोषण किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतना बड़ा मामला होने के बावजूद स्थानीय पुलिस और राज्य के गुप्तचर विभाग को इसकी भनक कैसे नहीं लगी। यह सुरक्षा और खुफिया तंत्र की बड़ी विफलता है।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। गायकवाड़ ने कहा कि महिलाओं के शोषण से जुड़े वीडियो सार्वजनिक करने वालों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह भी बड़ा सवाल है।
सांसद ने राज्य सरकार और गृह विभाग पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भले ही अब इस मामले का खुलासा होने का दावा कर रहे हों, लेकिन इतने वर्षों तक वे क्या कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकरण में कुछ राजनीतिक नेताओं और मंत्रियों के नाम सामने आने की चर्चा है, लेकिन उनकी जांच क्यों नहीं की जा रही है।
सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) लीक होने के मुद्दे पर भी गायकवाड़ ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अशोक खरात से जुड़े नेताओं के कॉल रिकॉर्ड एक निजी व्यक्ति तक कैसे पहुंचे और उसमें से चुनिंदा नाम ही सार्वजनिक क्यों किए गए। इससे राजनीतिक द्वेष की आशंका पैदा होती है। उन्होंने मांग की कि CDR लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
इस दौरान मुंबई कांग्रेस के कई पदाधिकारी और नेता भी मौजूद रहे।
इसके अलावा, चुनाव आयोग द्वारा प्रस्तावित विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर मुंबई कांग्रेस की बैठक भी राजीव गांधी भवन में वर्षा गायकवाड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें अभियान की रणनीति पर चर्चा की गई।


