■ पुलिस बेखबर!
मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई पुलिस भले ही ड्रग्स माफियाओं से निपटने का दंभ भरती हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मुंबई पुलिस की नाक के नीचे ड्रग्स माफिया बड़े पैमाने पर सक्रीय हैं और पुलिस के लिए उन्हें पकड़ना नामुमकिन हो गया है। ऐसा ही एक ड्रग्स माफिया है दीपक पवार।


मुंबई पुलिस मुख्यालय से मात्र 5 किलोमीटर दूर स्थित शिवडी के रामगढ़ इलाके में करीब दर्जन भर ड्रग्स पैडलर दीपक पवार के इशारे पर एमडी ड्रग्स और गांजा बेचने का काम करते हैं।
■ दीपक पवार की पृष्ठभूमि
शिवड़ी इलाके में नियाज नामक पेट्रोल चोर काफी समय पहले सक्रीय था। दीपक पवार ने उसके साथ पहले तेल चोरी का काम शुरू किया। बाद में एमडी ड्रग्स माफियाओं से गठजोड़ कर दीपक एमडी ड्रग्स का व्यापार करने लगा। दीपक की आर्थिक हालत अचानक सुधरती देख नियाज ने पुलिस की मुखबिरी की थी। नियाज की मुखबिरी पर कुछ साल पहले दीपक पवार को मुंबई एंटी नारकोटिक्स सेल ने गिरफ्तार किया था। दीपक की गिरफ्तारी के बाद ड्रग्स से होनेवाली मोटी कमाई की लालच में वो ड्रग्स का धंधा करने लगा। जेल से बाहर निकलने के बाद दीपक ने नियाज के ड्रग्स धंधे की जानकारी पुलिस को देनी शुरू की और आखिरकार नियाज जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया।


मौजूदा समय में दीपक पवार ने ड्रग्स व्यापार को एकदम सटीक ढंग से नियोजित करते हुए ड्रग्स पैडलर और स्वयं के बीच तीन से चार स्तरीय गैंग बना ली। उदाहरण स्वरूप अगर कोई ड्रग्स पैडलर पकड़ा जाता है तो संबंधित ड्रग्स पैडलर और उसके बीच की कड़ियों वाले ड्रग्स पैडलरों को वह भूमिगत कर देता है। इससे पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाती और उसका ड्रग्स व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहता है। यही कारण है कि कुछ ईमानदार पुलिसकर्मी भी उसे पकड़ने और उसके इस चक्रव्यूह को भेदने में असमर्थ हैं।
हाल ही में दीपक का एक ड्रग्स पैडलर महमूद मुंबई पुलिस के हत्थे चढ़ा। उसके गिरफ्तार होते ही दीपक मुंबई से फरार हो गया। सूत्रों के अनुसार, दीपक पवार संबंधित विभागीय पुलिस अधिकारियों को खरीदने की नाकाम कोशिश कर रहा है और मुंबई के बाहर से अपने पूरे गिरोह का काम देख रहा है।
इस मामले के बारे में पूछने पर पोर्ट जोन पुलिस उपायुक्त विजय सागर ने कहा कि हमें दीपक पवार संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई शिकायत मिली तो अवश्य कार्रवाई करेंगे।
इस समय रावण, निखिल, आकाश घुगे, आकाश जामनिक जमीनी स्तर पर दीपक पवार के ड्रग्स व्यापार पर नजर रखते हैं। इनमें से आकाश जामनिक दरिया के अंदर ड्रग्स बेचने और विदेशी जहाजों से अल्यूमीनियम तस्करी कर काम कर रहा है। इसके अलावा नासिर शेख, राहुल, यूसुफ शेख, नागेश पवार भी दीपक पवार के लिए ड्रग्स पैडलिंग का काम कर रहे हैं।


