श्रीश उपाध्याय/ मुंबई वार्ता

नागपुर,सत्र के पहले दिन परभणी और बीड में हुई घटनाओं का मुद्दा उठाया गया. “संविधान का अपमान और सरपंच की नृशंस हत्या दोनों ही भाजपा सरकार आने के बाद हुई है। परभणी में अंबेडकरी विचारधारा के एक कार्यकर्ता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई है. यह घटना बेहद गंभीर है और अंबेडकरी अनुयायी और राज्य की जनता काफी गुस्से में है. ” यह कहते हुए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने मांग की है कि सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देने के लिए तत्परता दिखानी चाहिए.


कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने विधानसभा में परभणी और बीड घटना का मुद्दा उठाया. सरकार की ओर से मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने इस मामले पर उस दिन चर्चा करने का वादा किया जिस दिन विधानसभा अध्यक्ष इस पर चर्चा करने को कहेंगे.
बाद में विधानमंडल क्षेत्र में मीडिया से बात करते हुए नाना पटोले ने कहा कि पुलिस को बीड जिले के मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख के अपहरण की जानकारी थी, लेकिन देशमुख की बेहद वीभत्स तरीके से हत्या होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई. भाजपा सरकार आने के बाद दलित और बहुजन समाज पर अत्याचार हो रहा है? क्या ईवीएम सरकार ने राज्य में राजनीतिक हत्या का दौर शुरू कर दिया है? .
नाना ने यह भी कहा कि,” शव परीक्षण रिपोर्ट से पता चला है कि परभणी के सोमनाथ सूर्यवंशी को हिरासत में रहते हुए पुलिस ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला था, जो सरकार प्रायोजित हत्या थी।”
नाना पटोले ने मांग की है कि इस मामले में सरकार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए.परभणी के मुद्दे पर बोलते हुए नाना पटोले ने कहा कि मानसिक रूप से बीमार बताई जा रही इस्मा पवार को पुलिस ने संविधान को बदनाम करने के आरोप में गिरफ्तार किया है, लेकिन उस शख्स ने बांग्लादेश में हिंदू अत्याचारों के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. सरपंच संतोष देशमुख हिंदू हैं, उनके हाथ-पैर काट दिए गए, मरने के बाद आरोपियों ने उनके शरीर पर डांस किया, वे उन्हें क्या कहेंगे। बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं और भारत में भी हिंदुओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं.
नाना पटोले ने यह भी कहा कि ऐसी आशंका है कि परभणी और बीड का मामला मार्कडवाड़ी में ईवीएम विरोध के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश है.वैभव नाम के लड़के का अपहरण कर उसे पूर्व मंत्री रवींद्र चव्हाण के बंगले पर रखा गया है. 9 करोड़ रुपये के लिए उसका अपहरण किया गया है और उससे 4.5 करोड़ रुपये वसूले गए हैं, बाकी 4.5 करोड़ रुपये वसूलने के लिए उसे प्रताड़ित किया जा रहा है. ये कैसी वसूली है?
नाना पटोले ने यह भी सवाल पूछा है कि चव्हाण के पास इतने पैसे कहां से आए.विधानसभा के पहले ही दिन महाविकास अघाड़ी के विधायकों ने विधानमंडल की सीढ़ियों पर धरना दिया. इस मौके पर ईवीएम हटाने और परभणी के साथ-साथ बीड के मुद्दे पर भी सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए.


