मुंबई वार्ता/हरीश चंद्र पाठक

“मराठा तितुका मेळवावा, महाराष्ट्र धर्म वाढवावा” के उद्घोष से गूंजते वातावरण में मराठी भाषा गौरव दिवस के अवसर पर साकीनाका स्थित समता विद्या मंदिर स्कूल में ग्रंथ दिंडी समारोह बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।


इस अवसर पर विद्यार्थियों ने संतों द्वारा रचित विभिन्न ग्रंथों की दिंडी विद्यालय परिसर में निकाली।छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर तथा नामजप करते हुए दिंडी में भाग लिया। महाराष्ट्र की पवित्र भूमि ने अनेक संतों और वीरों को जन्म दिया है। विद्यार्थियों ने उन्हीं संतों और वीरों की वेशभूषा धारण कर उनकी सजीव झलक प्रस्तुत की, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।सुबह 7 बजे दिंडी का शुभारंभ हुआ। कक्षा पांचवीं से नवमी तक के विद्यार्थियों ने इस उपक्रम में उत्साहपूर्वक सहभाग दर्ज किया। पूरे विद्यालय परिसर में भक्ति और संस्कृति का वातावरण निर्मित हो गया था।


विद्यालय के सचिव राजेश सुभेदार तथा कार्याध्यक्ष ज्योति सुभेदार के मार्गदर्शन में यह मराठी भाषा गौरव उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यार्थियों में मराठी भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रति अभिमान जागृत करना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य था, ऐसा विद्यालय के सचिव राजेश सुभेदार ने बताया।
इस समारोह को सफल बनाने के लिए सांस्कृतिक प्रमुख भरत भोई, वैशाली हांडे, प्रतीक्षा गोरे, नीलम डीमेलो सहित अन्य शिक्षकों ने विशेष परिश्रम किया।


