मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग और सांस्कृतिक कार्य संचालनालय, मुंबई की ओर से सातारा जिले के पाटण में 2 से 6 अप्रैल 2026 के बीच ‘कोयना दौलत डोंगरी महोत्सव 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। सह्याद्री पर्वतमाला की गोद में बसे इस प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य है।यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन को गति देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।


आयोजकों ने नागरिकों, किसानों, पर्यटकों और उद्यमियों से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है।महोत्सव के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। 2 अप्रैल को शाहिरी पोवाड़ा, 3 अप्रैल को भजन मंडली, 4 अप्रैल को ब्रास बैंड का प्रदर्शन और 5 अप्रैल को लावणी महोत्सव आयोजित होगा। स्थानीय लोककला, पारंपरिक प्रस्तुतियां और नामी कलाकारों के प्रदर्शन से कार्यक्रम और भी आकर्षक बनेगा।इसके साथ ही आनंद मेला, बोटिंग, घुड़सवारी, पैराग्लाइडिंग, ऊंट सफारी, इलेक्ट्रिक बग्गी, कार्निवल परेड, कृषि प्रदर्शनी, फूड फेस्टिवल, पशु-पक्षी प्रदर्शनी और शस्त्र प्रदर्शनी जैसे कई आकर्षण पर्यटकों को अनुभव करने को मिलेंगे।


महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए विशेष स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां उनकी हस्तकला और उत्पादों की प्रदर्शनी व बिक्री होगी।महोत्सव में मनोरंजन जगत के कई प्रसिद्ध कलाकार भी भाग लेंगे, जिनमें संस्कृति बालगुडे, जान्हवी किल्लेकर, स्पृहा जोशी, भाऊ कदम, भारत गणेशपुरे, प्रियदर्शन जाधव, कुशल बद्रिके, हेमांगी कवी, गायक रोहित राऊत, गायिका जुईली जोगळेकर और अभिजीत जाधव – आमु जाधव शामिल हैं।इसके अलावा, कृषि पर्यटन, पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शन, बोटिंग प्रतियोगिता, फोटोग्राफी और चित्रकला प्रतियोगिता तथा विभिन्न कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।
पर्यटन नीति के तहत महिला सशक्तिकरण, युवा पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष चर्चा सत्र भी होंगे। सह्याद्री के ऐतिहासिक किले, प्राचीन मंदिरों और दर्शनीय स्थलों की विशेष पर्यटन यात्राएं भी महोत्सव का हिस्सा होंगी।यह महोत्सव सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशिष शेलार और पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई की संकल्पना से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी का मार्गदर्शन प्राप्त है।
यह कार्यक्रम सभी के लिए निःशुल्क खुला है। राज्यभर के पर्यटकों, साहित्यप्रेमियों, सांस्कृतिक रसिकों और प्रकृति प्रेमियों से इस अनूठे सांस्कृतिक और पर्यटन उत्सव में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।


