सतीश सोनी/मुंबई

पवई स्थित L&T के सुरक्षा गार्ड ने एक व्यक्ति से मराठी में बात करने से न सिर्फ इंकार किया अपितु ‘मराठी गई तेल लगाने ‘ बोलकर मराठी भाषा का अपमान किया। इस बात से गुस्साए स्थानीय महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना सदस्यों ने उसकी थप्पड़ों से धुनाई कर दी।
पवई में एल एंड टी के एक सुरक्षा गार्ड का मराठी बोलने को लेकर एक मराठी व्यक्ति से विवाद हो गया। इससे दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। हालाँकि सुरक्षा गार्ड उत्तर भारत से नया नया आया था, इसलिए वह मराठी नहीं बोल सकता था।


मनसैनिकों का कहना था कि अगर आप मराठी नहीं जानते हैं, तो आपको इसे सीखना चाहिए और शांति से बोलना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ‘मराठी गया तेल लगाने’ कहकर मराठी भाषा का अपमान करना उचित नहीं है। यदि आप मराठी नहीं जानते तो वह भाषा सीखें। हालांकि, मनसैनिक ने इस दौरान यह भी कहा कि वे मराठी का अनादर करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेंगे।
इस पूरी घटना के दौरान मनसैनिकों ने भी सुरक्षा रक्षक को ‘भया’ बोलकर अपमानित किया। जो कि गैर कानूनी हरकत है। अब देखना यह है कि मराठी भाषा संवर्धन के नाम पर हो रही गुंडागर्दी के खिलाफ पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई करता है या सरकार की खामोशी को, गुंडागर्दी को दिया समर्थन मान कर, पुलिस भी खामोश रहती है।
उत्तर भारतीय समाज के लोगों का मानना है कि पूरी घटना के दौरान सुरक्षा रक्षक द्वारा मराठी भाषा के बारे में बोला गया शब्द बिल्कुल असहनीय है। उसे मारना ही चाहिए था लेकिन मारते समय पूरे समाज को अपमानित करना भी उतना ही गलत है। अब सवाल यह उठता है कि क्या मनसैनिक उत्तर भारतीयों से अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगेंगे?


