मुंबई वार्ता/हरीशचंद्र पाठक

एक तरफ मुंबई में गर्मी की छुट्टी शुरू हो गई है वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन मुंबई के बाहर किए जाने की खबर से अतिरिक्त शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है।
बता दें कि हाल ही में मुंबई शहर और उपनगरों के अनेक स्कूलों के अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन मुंबई जिले के बाहर किया गया। इस कारण अतिरिक्त शिक्षकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन मुंबई में किए जाने की मांग बढ़ती जा रही है।
मुंबई कांग्रेस रोजगार व स्वयं रोजगार विभाग के महासचिव डॉ सत्तार खान ने राज्य के शिक्षा मंत्री और मुंबई के उपसंचालक से मांग की है कि सरकार को अतिरिक्त शिक्षकों को मुंबई में समायोजित करने का निर्णय लेना चाहिए।
डॉ सत्तार खान के मुताबिक बृहन्मुंबई के मनपा स्कूलों में अनेक रिक्तियों के बावजूद, लगभग 525 अतिरिक्त शिक्षकों को ठाणे, पालघर, रायगढ़ जैसे दूरदराज के इलाकों में समायोजित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इन अतिरिक्त शिक्षकों में महिलाओं की बड़ी भागीदारी है और उनके लिए ऐसी जगहों पर रोजाना यात्रा करना बहुत ही मुश्किल है।
शिक्षकों का आरोप है कि इस समायोजन प्रक्रिया में आयु सीमा, बीमारी, एकल माता-पिता जैसे संवेदनशील मामलों पर ध्यान नहीं दिया गया। जिसके कारण शिक्षकों की समस्या को देखते मुंबई कांग्रेस रोजगार व स्वयं रोजगार विभाग के महासचिव डॉ सत्तार खान ने राज्य के शिक्षा मंत्री और मुंबई के विभागीय उपसंचालक से अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन मुंबई में ही किए जाने की मांग की है।


