■ डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर विद्यालय में छात्रों की भाषा-प्रेम से सजी प्रस्तुति.
मुंबई वार्ता/हरीशचंद्र पाठक

अगर मराठी की मिठास को सहेज कर रखा जाए, तभी इस भाषा का असली आनंद लिया जा सकता है” — इस प्रेरणादायी विचार को साकार करते हुए, विद्या विकास एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर विद्यालय की ओर से मराठी भाषा के संवर्धन के लिए एक अनोखी पहल की गई।


बता दें कि पारंपरिक दहीहंडी उत्सव को मराठी भाषा की जागरूकता से जोड़ते हुए छात्रों ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।छात्रों ने एक ही तरह की टी-शर्ट पहनकर “मराठी पढ़ें”, “भाषा हमारी, गर्व हमारा”, “मराठी की रक्षा करें” जैसे आकर्षक पोस्टर हाथों में लेकर परिसर में मराठी प्रेम का जयघोष किया। दहीहंडी फोड़ते समय “जय मराठी”, “मराठी मेरी मातृभाषा” जैसे जोशीले नारे गूंज उठे और माहौल में भाषा के प्रति अभिमान की भावना जागृत हुई।इस अनोखे उपक्रम में छात्राओं की भागीदारी भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उनके सामूहिक प्रदर्शन में भाषा के प्रति प्रेम और एकता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।


विद्यालय प्रांगण में बनाए गए रंग-बिरंगे भित्तिचित्र, विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए पोस्टर और प्रेरणादायक नारे पूरे कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंगों से भर गए।इस कार्यक्रम में उपस्थित संस्था के सचिव डॉ. विनय राऊत, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अनघा राऊत, और मुख्याध्यापिका सुझाता घोडके ने छात्रों की रचनात्मकता और भाषाप्रेम की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर कहा गया, “छात्रों ने केवल त्योहार मनाया नहीं, बल्कि उसमें भाषा के महत्व को समाहित किया — यह वास्तव में प्रशंसनीय है।”यह उपक्रम मराठी भाषा के संरक्षण और प्रचार के लिए एक प्रेरणादायी कदम सिद्ध हुआ, जिससे छात्रों में भाषा के प्रति सम्मान, आत्मीयता और जागरूकता की भावना और भी प्रगाढ़ हुई।


