श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

रिश्वत की मोटी रकम ने मुंबई महानगर पालिका अधिकारियों की आंखों पर इस कदर पर्दा डाल रखा है कि उनकी नाक के नीचे करीब 20 हज़ार स्क्वायर फुट का अवैध निर्माण कार्य उन्हें दिखाई ही नहीं दे रहा है।


भायखला (पूर्व) के हंसराज लेन में स्थित इंदु ऑयल एंड सोप कंपनी में वर्ष 2024 में 20 हज़ार स्क्वायर फुट पर अवैध निर्माण कार्य शुरू किया गया था। मामले की शिकायत मिलते ही महानगर पालिका के E वार्ड ने अवैध काम के खिलाफ तुरंत 5 अप्रैल 2024 को 351,352,352A और 354A के अंतर्गत नोटिस (क्रमांक-186479) जारी कर दिया।


मनपा प्रशासन ने खुद माना है कि इंडस्ट्रियल इमारत में अवैध रूप से मेजनाइन फ्लोर का निर्माण किया गया है।आगे कार्रवाई करते हुए मनपा ने 30 जुलाई 2024 को इंदु मिल के अवैध निर्माण कार्य के खिलाफ स्पीकिंग ऑर्डर निकाला।9 दिसम्बर 2024 को इंदु ऑयल एंड सोप कंपनी ने मनपा को लिखित रूप से युक्त अवैध निर्माण स्वयं हटा लिए जाने की जानकारी दी है।


इस सारी नौटंकी के बावजूद इंदु मिल में अवैध निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है। किसी गरीब की झोपड़ी होती तो 351 के बाद तुरंत मनपा तोड़क कार्रवाई करती लेकिन मामला मिल मालिक से जुड़ा होने के कारण मनपा उनके साथ नोटिस-नोटिस खेल रही है और अवैध काम रुक ही नहीं रहा है।


मामले की लिखित शिकायत करने वाली संस्था आदर्श समाज सेवक संघ की ओर से आरोप लगाया गया है कि उक्त अवैध निर्माण कार्य की ओर अनदेखी करने के लिए मनपा वार्ड अध्यक्ष रोहित त्रिवेदी और मनपा उपायुक्त चंदा जाधव ने रू 1 करोड़ की रिश्वत ली है। इसीलिए उक्त अवैध निर्माण के खिलाफ सिर्फ नोटिसबाजी हो रही है और मनपा ही अप्रत्यक्ष रूप से अवैध निर्माण कार्य में मदद कर रही है।


