श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी ने चाटुकारिता की हद पार करते हुए अपना निमंत्रण पत्र तक हिंदी में प्रकाशित करने की बजाय मराठी में प्रकाशित किया है।


महाराष्ट्र में हिंदी साहित्य अकादमी आज 13 सितंबर, शाम 5.30 बजे से बांद्रा के रंग शारदा हाल में एक “काव्य- प्रस्तुति” कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इस कार्यक्रम संबंधित निमंत्रण कार्ड हिंदी में नहीं अपितु मराठी में प्रकाशित किया गया है।


हिंदी प्रेमियों का कहना है कि- मराठी बहुत ही प्यारी भाषा है। लेकिन महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी का कार्यक्रम हो और निमंत्रण कार्ड तक हिंदी में न प्रकाशित कर, मराठी में प्रकाशित करना, सिर्फ और सिर्फ मराठी भाषी साँस्कृतिक मंत्री आशिष शेलार से चाटुकारिता को ही दर्शा रहा है।
हिंदी भाषियों का यह भी कहना है कि अब देखना यह है कि चाटुकारिता की हद पार करते हुए कार्यक्रम में काव्य प्रस्तुति भी मराठी भाषा में की जाती है या अकादमी के पास थोड़ी- बहुत शर्म बची होगी तो कम से कम कार्यक्रम हिंदी में होगा।



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उर्दू साहित्य का तो उर्दू में छपता है