‘नौकरी दो, नहीं तो भत्ता दो’; NSUI का राज्यव्यापी अभियान।
मुंबई वार्ता संवाददाता

भाजपा-महायुति सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी का स्तर काफी बढ़ गया है और सरकारी भर्ती लगभग बंद कर दी गई है। चुनावों में महायुति ने युवाओं को नौकरी, छात्रवृत्ति और कई वादे किए थे, लेकिन एक भी पूरा नहीं किया। भाजपा-महायुति ने युवाओं के साथ धोखा किया है, इसलिए NSUI ने आक्रामक रुख अपनाया है। “नौकरी दो, नहीं तो भत्ता दो, वरना इस्तीफा दो” — यह अभियान NSUI पूरे राज्य में चलाने जा रही है।


तिलक भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में इस अभियान की जानकारी दी गई। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, विधान परिषद में विपक्ष के नेता सतेज पाटिल, सहप्रभारी बी.एम. संदीप, पूर्व मंत्री एवं विधायक अमित देशमुख, कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य नसीम खान, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष माणिकराव ठाकरे, NSUI प्रदेशाध्यक्ष सागर सालुंके आदि उपस्थित थे।


कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आते समय हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद न केवल उन्होंने नौकरियां नहीं दीं, बल्कि 18 करोड़ नौकरियां खत्म कर दीं। भाजपा सरकार ने युवाओं के साथ घोर धोखा किया है। यह वोट चोर सरकार अब नौकरी और रोजगार चोर भी है, ऐसा तीखा आरोप सपकाल ने लगाया। उन्होंने कहा कि नौकरी और रोजगार का मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है, और इस अभियान में सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि सभी युवाओं को शामिल होना चाहिए।


इस अभियान की जानकारी देते हुए NSUI प्रदेशाध्यक्ष सागर सालुंके ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के दौरान नौकरी देने, 10 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता और अप्रेंटिसशिप देने का वादा किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने कोई भी वादा पूरा नहीं किया। छात्रों को छात्रवृत्तियाँ नहीं मिल रही हैं, उच्च शिक्षा प्राप्त युवा बेरोजगार बैठे हैं। इसलिए NSUI राज्यभर यह आंदोलन चलाकर भाजपा सरकार से जवाब मांगेगी, ऐसा सालुंके ने कहा।


