मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शुक्रवार को महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार समारोह के अवसर पर दिल्ली गये थे । मुख्यमंत्री फडणवीस ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की और बुनियादी ढाँचे के लिए बेहतर बिजली वितरण क्षेत्र योजना हेतु २६५५ करोड़ रुपये की मांग की। उन्होंने जल्द ही यह धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।


केंद्रीय मंत्री ने 8000 मेगावाट क्षमता की बैटरी भंडारण परियोजना के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि प्रदान करने हेतु सकारात्मक कदम उठाने का भी आश्वासन दिया।नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को बैटरी भंडारण में संग्रहित किया जाता है और अधिकतम मांग के दौरान उपयोग किया जाता है। इसमें केंद्र ने ४५०० मेगावाट क्षमता वाली ऐसी परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि को पहले ही मंजूरी दे दी है। इसके लिए निविदाएँ भी जारी कर दी गई हैं।


महावितरण द्वारा ८,००० मेगावाट क्षमता वाली ऐसी ही एक और परियोजना स्थापित की जा रही है। मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि केंद्र सरकार इसके लिए व्यवहार्यता अंतर निधि प्रदान करने में मदद करेगी। बैठक के दौरान, ट्रांसमिशन ग्रिड के माध्यम से सौर ऊर्जा स्थानांतरित करने की परियोजनाओं, राज्य में १८ बड़ी सौर परियोजनाओं, ग्रिड की तकनीकी समस्याओं के समाधान जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।


इस बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऊर्जा क्षेत्र में महाराष्ट्र द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी दी। इनमें संसाधन पर्याप्तता योजना, मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली पंप भंडारण परियोजना आदि शामिल हैं।
बैठक में केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल, महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्रा, एनटीपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



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