मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

वसई में एक रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में दिनदहाड़े डकैती की घटना हुई। तीन लोग घर में घुसे, महिला और उसके बेटे को चाकू की नोक पर बांध दिया और घर से १० लाख रुपये का सामान लूट लिया। वसई की क्राइम डिटेक्शन ब्रांच युनिट २ ने केस सुलझा लिया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से लाखों का कीमती सामान भी जब्त किया गया है।


वसई ईस्ट के वालिव सतिवली इलाके में रिलायबल ग्लोरी नाम की एक बिल्डिंग है। राउत परिवार इस बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर फ्लैट नंबर ३०१ में रहता है। १७ नवंबर को, जब गीता राउत और उनका बेटा घर पर थे, तो दोपहर १.१० बजे तीन अनजान आदमी राउत के घर में घुस आए। और उनमें से एक ने बच्चे की गर्दन पर चाकू रख दिया और गीता राउत से पूछा, “सोना कहां है?” लेकिन, गीता राउत ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता, उसी समय एक दूसरे आदमी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में उनका बायां हाथ घायल हो गया। इसके बाद लुटेरों ने दोनों को बांध दिया और अलमारी से 12 तोले सोने के गहने और एक मोबाइल फोन लेकर घर से भाग गए।


इस मामले में वालिव पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया। जुर्म की गंभीरता को देखते हुए, क्राइम डिटेक्शन ब्रांच – डिवीजन 2 वसई स्टाफ के अधिकारियों और अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू की। उन्होंने घटनास्थल और आसपास के इलाके का मुआयना किया और मुखबिरों से जानकारी हासिल की। इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लूट का मास्टरमाइंड महिला के पति का खास दोस्त है! उसने महिला को यह बताकर साजिश रची कि घर में सोना है और वह उस समय अकेली है।आरोपी के नंदगांव, कर्नाटक में रहने की जानकारी मिलने के बाद, जांच टीम तुरंत कर्नाटक के लिए रवाना हो गई।


पुलिस ने इस जुर्म में शामिल तीन आरोपियों अशोक उर्फ बाबू राजू शिंदे, अब्दुल रऊफ हाशमी, रितिक बेलांगी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जुर्म में शामिल उनके साथियों नूर हसन खान, सूरज जाधव और कालू साहू को भी गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन में आरोपियों से ८ तोला चोरी के सोने के गहने जब्त किए गए। इसके अलावा, आरोपियों की तलाशी के दौरान मिले कैश और मोबाइल फोन, जिनकी कुल कीमत १० लाख रुपये थी, जब्त किए गए।



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