■ वॉचडॉग फ़ाउंडेशन ने DGCA से की शिकायत।
जय सिंह/मुंबई वार्ता

सहार एयरपोर्ट कार्गो कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार सुबह एक चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई, जहाँ समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने से एक कर्मचारी की मौत हो गई।


सुबह करीब 9 बजे, कार्गो सर्विस सेंटर (CSC) के कर्मचारी अब्दुल्ला कुरैशी को अचानक हार्ट अटैक आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत एम्बुलेंस के लिए कॉल किया, लेकिन एम्बुलेंस लगभग 20 मिनट देर से पहुंची — जबकि हार्ट अटैक के मामलों में शुरुआती कुछ मिनट यानी ‘गोल्डन आवर’ बेहद महत्वपूर्ण होता है।
■ बेशकीमती जान गई, वजह: कॉस्ट कटिंग.
पहले तक कार्गो कॉम्प्लेक्स परिसर में लगातार एक एम्बुलेंस तैनात रहती थी। लेकिन हाल ही में कंपनी द्वारा लागत कम करने के नाम पर इस सेवा को बंद कर दिया गया।इसी कथित लापरवाही की वजह से कर्मचारियों को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई और कुरैशी की जान चली गई।
■ वॉचडॉग फ़ाउंडेशन का DGCA और मंत्रालय को पत्र.
इस घटना के बाद वॉचडॉग फ़ाउंडेशन के ट्रस्टी —निकोलस अल्मेडा, एडवोकेट गॉडफ्री पिमेंटा तथा सलाहकार —एडवोकेट विवियन डिसूजा रीटा डी’सा ने DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को मेल भेजकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि, “आवश्यक मेडिकल सेवाओं को हटाना कर्मचारियों की सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ है। यह लापरवाही एक कर्मचारी की मौत का कारण बनी है। DGCA को तुरंत जांच करनी चाहिए और कॉम्प्लेक्स में पूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ बहाल करने का आदेश देना चाहिए।”
● CSC की पृष्ठभूमि.
कार्गो सर्विस सेंटर इंडिया (CSC) वर्ष 1994 में KLM की सहायक कंपनी के रूप में भारत में स्थापित हुई थी। अब यह KLM और भारतीय उद्यमियों तुषार जानी व ख़ुशरू दुबाश का संयुक्त उद्यम है, जिसमें भारतीय पक्ष की 51% हिस्सेदारी है।
● कर्मचारियों में नाराज़गी और डर.
घटना के बाद कर्मचारी बेहद गुस्से में हैं और मांग कर रहे हैं कि —एम्बुलेंस सेवा तुरंत बहाल की जाए। मेडिकल टीम 24×7 उपलब्ध रहे और घटना की निष्पक्ष जांच हो।



दुखद घटना