श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महापुरुष डॉ.बाबासाहेब अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर देश भर से आये अम्बेडकरी अनुयायियों ने शिवाजी पार्क में लगी पुस्तक प्रदर्शनी से 2 करोड़ रुपये की डॉ.बाबासाहेब अम्बेडकर द्वारा लिखित पुस्तकें खरीदीं। इस साल शिवाजी पार्क के बुक स्टॉल पर ‘जग बदलणारा बापमानूस’ किताब अंबेडकरी अनुयायियों और युवा भीमसैनिकों के बीच सबसे लोकप्रिय रही।


लेखक जगदीश ओहोल ने बताया कि 5 और 6 दिसंबर के दो दिनों में लगभग 5 हजार प्रतियां बिकीं। साथ ही, पार्क में पुस्तक विक्रेताओं से उक्त पुस्तक को अपने स्टॉल पर उपलब्ध कराने के लिए ओहोल से अग्रिम प्रतियां खरीदी और बेची गईं। 5 और 6 दिसंबर को शिवाजी पार्क में लगभग 2 लाख किताबें, ग्रंथ, भारतीय संविधान की प्रतियां और अन्य महापुरुषों की किताबें और सामग्रियां बेची जाती हैं।
देश भर के विभिन्न लेखकों की पुस्तकें एक ही छत के नीचे अनुयायियों द्वारा खरीदने के लिए उपलब्ध हैं। इस वजह से अंबेडकरी अनुयायियों में किताबें खरीदने का काफी रुझान है।


इस वर्ष शिवाजी पार्क में लगभग 300 से 400 स्टॉल लगाए गए। परिणामस्वरूप, वर्धा, नागपुर, पुणे, नासिक आदि स्थानों से पाठक और व्यापारी आने लगे। एक किताब पर पाठकों को 70% तक की छूट मिलती है। इसलिए, खरीदारी के लिए अंबेडकरी अनुयायियों की भीड़ भी बड़ी है, ऐसा शैलेन्द्र बुक स्टॉल के विक्रेता शैलेन्द्र कांबले ने कहा।



बहुत अच्छी बात