श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बुधवार देर रात मुंबई–पुणे मार्ग पर सफर कर रहे यात्रियों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब एमएसआरटीसी की इलेक्ट्रिक E-शिवनेरी बस को तलेगांव टोल नाके पर लगभग एक घंटे तक रोक दिया गया। कारण बताया गया कि बस के FASTag खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं था।


इलेक्ट्रिक E-शिवनेरी बस (क्रमांक MH 12 VF 5207) शाम करीब 5 बजे दादर से पुणे के लिए रवाना हुई थी और रात 9.30 बजे तलेगांव टोल प्लाजा पहुँची। टोल कर्मचारियों ने बस को यह कहते हुए रोक लिया कि FASTag निष्क्रिय है और उसे आगे जाने की अनुमति नहीं दी।समय बीतने के साथ यात्रियों ने चालक से सवाल किए। चालक ने वरिष्ठ अधिकारियों और डिपो से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन यात्रियों के अनुसार बार-बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला, जिससे यात्री रात के समय टोल प्लाजा पर फंसे रहे।काफी देर तक कोई समाधान न निकलने पर यात्रियों ने आपस में पैसे इकट्ठा किए और करीब ₹900 टोल शुल्क चुकाया। इसके बाद बस करीब 10.30 बजे आगे रवाना हो सकी।


यात्रियों ने इस घटना को मानसिक रूप से परेशान करने वाला बताया, खासकर इसलिए क्योंकि बस में छह महीने की गर्भवती महिला भी सवार थी।यात्रियों के एक समूह ने कहा,“यात्री टिकट खरीदते हैं ताकि यात्रा सुगम हो। FASTag या टोल से जुड़ी समस्याएँ यात्रियों की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए। हम इस लापरवाही के खिलाफ उपभोक्ता मंच में शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं।”
एमएसआरटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि E-शिवनेरी बसें टोल से मुक्त होती हैं और उन्हें टोल नाकों पर रोका नहीं जाना चाहिए। चालक ने टोल कर्मचारियों को इस छूट की जानकारी दी थी, फिर भी बस को एक घंटे से अधिक समय तक रोका गया।
आईआरबी एमपी एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा कि“प्राधिकरणों के साथ तय प्रक्रिया के अनुसार और टोल छूट के दुरुपयोग को रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल छूट केवल VAHAN डेटाबेस से जुड़े FASTag के माध्यम से ही दी जाती है। FASTag सभी वाहनों के लिए अनिवार्य है और उसे सक्रिय रखना वाहन मालिक की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने आगे बताया कि वैध और सक्रिय FASTag वाले इलेक्ट्रिक वाहनों से कोई टोल राशि नहीं काटी जाती, लेकिन जिन वाहनों का FASTag निष्क्रिय होता है, उनसे निर्धारित टोल वसूला जाता है। तलेगांव टोल प्लाजा पर E-शिवनेरी बस का FASTag पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण निष्क्रिय था, इसलिए टोल भुगतान के बाद ही बस को आगे जाने दिया गया।
प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल छूट केवल मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग और अटल सेतु पर लागू है। पुराने मुंबई–पुणे हाईवे (NH-48) सहित अन्य मार्गों पर यह छूट नहीं मिलती। इसलिए सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार FASTag का सक्रिय और वैध होना अनिवार्य है।



इससे यात्रियों को परेशानी होती है