मुंबई वार्ता संवाददाता

बीएमसी चुनाव 2026 से पहले भारतीय जनता पार्टी को मुंबई के मुलुंड क्षेत्र में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। भाजपा के वरिष्ठ और जमीनी नेता मनीष तिवारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।


उन्होंने एक खुले पत्र के माध्यम से पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी और कार्यकर्ताओं की पीड़ा को स्पष्ट शब्दों में रखा।मनीष तिवारी ने पत्र में बताया कि उन्होंने पिछले 30 वर्षों तक भाजपा के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य किया। मुलुंड भाजपा के 10 वर्षों तक अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने बूथ से लेकर प्रभाग स्तर तक संगठन को मजबूत किया और पार्टी को इस क्षेत्र में सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।


उनके अनुसार, भाजपा की विचारधारा, अनुशासन और कार्यकर्ता-आधारित राजनीति हमेशा उनके लिए सर्वोपरि रही है।उन्होंने कहा कि मुलुंड में उम्मीदवार चयन को लेकर पार्टी द्वारा अपनाई गई नीति से निष्ठावान कार्यकर्ताओं के सम्मान और भविष्य पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि टिकट वितरण की उस प्रक्रिया से है, जिसमें स्थानीय, योग्य और वर्षों से संघर्षरत कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब ‘जनरल कैटेगरी’ की सीट पर भी उसी श्रेणी के कार्यकर्ताओं को मौका नहीं मिलता, तो साधारण कार्यकर्ता किस भरोसे पार्टी के लिए मेहनत करे।महिला आरक्षण को लेकर भी उन्होंने असंतोष जताया।
पत्र में कहा गया है कि पार्टी में कई शिक्षित, सक्षम और जनसंपर्क वाली महिला कार्यकर्ता मौजूद हैं, फिर भी उन्हें अवसर नहीं दिया जा रहा। इससे संगठन के भीतर निराशा बढ़ रही है।अपने इस्तीफे को स्वाभिमान और कार्यकर्ताओं की सामूहिक भावना की आवाज बताते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि वर्तमान निर्णय उनके सिद्धांतों से मेल नहीं खाते। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उनका इस्तीफा मुलुंड और उत्तर-पूर्व मुंबई में भाजपा के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत है, जिसका असर आगामी बीएमसी चुनावों में देखने को मिल सकता है।



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