मुंबई वार्ता/ कृष्ण गोपाल सिंह

भिवंडी एआईएमआईएम के पूर्व अध्यक्ष शादाब उस्मानी ने महाराष्ट्र के अध्यक्ष पर हठधर्मी, भ्रष्ट नीतियों और संगठन के साथ भेदभाव करने का गंभीर आरोप लगाते हुए मनपा चुनाव के समय पार्टी से इस्तीफा दे दिया।


एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को भेजे पत्र में शादाब उस्मानी ने लिखा कि विगत 12 वर्षों से वे भिवंडी में पार्टी की विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए मजलिस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। लेकिन अत्यंत दुःख के साथ उन्हें यह कहना पड़ रहा है कि पार्टी के महाराष्ट्र राज्य अध्यक्ष की ओर से उन्हें कभी सहयोग प्राप्त नहीं हुआ। इसके विपरीत, उनके विरुद्ध लगातार ऐसी रणनीतियां अपनाई जाती रहीं, जिनका उद्देश्य उन्हें संगठन से दूर करना प्रतीत होता है।


शादाब ने आरोप लगाया कि राज्य स्तर पर सक्षम और जमीनी नेतृत्व को विकसित होने का अवसर नहीं दिया जा रहा, जिससे संगठन की मजबूती और सामूहिक नेतृत्व को गंभीर क्षति पहुंची है।
पत्र में उन्होंने यह भी लिखा कि एक नेता के रूप में उन्हें इम्तियाज जलील की व्यक्तिगत योग्यता पर कोई संदेह नहीं है, परंतु उनके अनुभव और अवलोकन के अनुसार, उनकी कार्यशैली एक संगठनात्मक प्रमुख के रूप में अपेक्षित दायित्वों और संतुलन को प्रतिबिंबित नहीं करती।


