मुंबई वार्ता संवाददाता

स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव में सत्ताधारी दल ने पैसे, पुलिस, प्रशासन और चुनाव आयोग के बल पर संस्कृति, परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलते हुए लोकतंत्र का तमाशा बना दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अत्यंत अहंकारी हैं और वे विपक्ष पर बुलडोज़र चला रहे हैं। लेकिन इस बुलडोज़र से डरे बिना कांग्रेस कार्यकर्ता दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा रहा, इसी कारण नगरपालिकाओं में 41 नगराध्यक्ष और 1006 नगरसेवक विजयी हुए। नगरपालिका की तरह ही महानगरपालिका में भी कांग्रेस का विजयी झंडा लहराएंगे, ऐसा विश्वास कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने व्यक्त किया।


महानगरपालिका चुनाव प्रचार के लिए सोलापुर दौरे पर आए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान राज्य में तीन हत्याएं हुई हैं, जो असुरी राजनीति की भयावह तस्वीर है। भारतीय जनता पार्टी कोयता गैंग, वरली मटका और ड्रग्स माफिया को उम्मीदवार बना रही है। तुलजापुर में भाजपा ने ड्रग्स माफिया को नगराध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है। केवल अपराधियों को ही नहीं, बल्कि बलात्कारियों को भी भाजपा संरक्षण दे रही है।


नगरपालिका और महानगरपालिका चुनावों में शहर की समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन सत्ताधारी दल मराठी, हिंदी, उर्दू भाषा, महापौर कौन होना चाहिए मराठी या परप्रांतीय जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहा है। सत्ताधारी दल द्वारा जबरन निर्विरोध चुनाव कराए जा रहे हैं, जो अत्यंत गलत है। जहां निर्विरोध चुनाव हो रहे हैं, वहां ‘नोटा’ का विकल्प रखा जाए और लोकतंत्र को बचाया जाए, ऐसा सपकाल ने कहा।
कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने अडानी के खिलाफ जो रुख अपनाया है, वह पूरी तरह सही है। कांग्रेस पार्टी पूंजीपतियों के खिलाफ नहीं है, लेकिन मोदी सरकार जिस तरह से देश के हर क्षेत्र में अडानी को खुली छूट दे रही है, वह देश के लिए बेहद खतरनाक है। राहुल गांधी जो कह रहे हैं, वही बात कल शिवाजी पार्क में राज ठाकरे ने कही। भाजपा राष्ट्रीय संत अडानी के लिए पखाली लेकर पानी ढो रही है। यदि केंद्र में कांग्रेस की सत्ता आई, तो जैसे ईस्ट इंडिया कंपनी को ब्रिटिश सरकार ने अपने अधीन लिया था, उसी तरह अडानी और अंबानी की कंपनियों का राष्ट्रीयकरण किया जाएगा, ऐसा सपकाल ने कहा।
एक प्रश्न के उत्तर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वंचित के साथ मुंबई, लातूर और नांदेड़ में कांग्रेस का गठबंधन है। यह गठबंधन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि विचारों का मेल है और इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। सहयोगी दलों को अनावश्यक और विवादित बयान देने से बचना चाहिए। सांसद प्रणिति शिंदे कांग्रेस पार्टी में हैं और कांग्रेस में ही रहेंगी, यह बात सपकाल ने स्पष्ट की।
इस अवसर पर कांग्रेस वर्किंग कमिटी की सदस्य सांसद प्रणिति शिंदे सहित कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित थे।


