मुंबई वार्ता संवाददाता

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने महाराष्ट्र में अपनी अंदरूनी कलह को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य भाई जगताप को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने जगताप पर अनुशासन तोड़ने और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बोलने का गंभीर आरोप लगाया है।


एआईसीसी सचिव यू.बी. वेंकटेश द्वारा जारी इस नोटिस में कहा गया है कि भाई जगताप ने खुले मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ के इस्तीफे की मांग की थी। पार्टी का मानना है कि इस प्रकार के सार्वजनिक बयान कांग्रेस के नियमों और नैतिक ढांचे के खिलाफ हैं।
नोटिस में सख्त लहजे में कहा गया है कि संगठनात्मक कामकाज, नेतृत्व या किसी भी आंतरिक मतभेद से जुड़े मुद्दों को केवल पार्टी के आंतरिक मंचों पर ही उठाया जाना चाहिए। पत्र के अनुसार, जगताप के इस आचरण ने न केवल पार्टी के सामूहिक नेतृत्व को कमजोर किया है बल्कि जनता के बीच कांग्रेस की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है।
कांग्रेस नेतृत्व ने भाई जगताप को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए 7 दिनों का समय दिया है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय के भीतर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो पार्टी उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।


