मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में आईफोन 16 चोरी की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खासतौर पर महंगे मोबाइल फोन को निशाना बनाता था। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।


मामले की शुरुआत 27 फरवरी को हुई, जब 19 वर्षीय एमबीबीएस छात्रा का आईफोन 16 सायन अस्पताल के पास रहस्यमय तरीके से चोरी हो गया। छात्रा ने बताया कि वह गेट नंबर 7 के पास एक स्टेशनरी दुकान में गई थी और कुछ ही मिनटों में उसकी जेब से फोन गायब हो गया। खास बात यह थी कि उसे चोर का कोई अंदाजा नहीं था।इसी तरह की एक और घटना चार दिन पहले नायर अस्पताल में सामने आई थी, जहां 26 वर्षीय डॉक्टर का आईफोन 16 ओपीडी के रास्ते से बिना किसी भनक के चोरी हो गया।


दोनों मामलों में समानता देखते हुए मुंबई पुलिस के जोन-4 ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की।सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को सुराग अंधेरी के एक लॉज तक मिला, जहां आरोपियों के ठहरने की जानकारी सामने आई। जांच में पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल से फ्लाइट लेकर मुंबई आते थे, चोरी की वारदात को अंजाम देते और तुरंत वापस लौट जाते थे।पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर पश्चिम बंगाल के आसनसोल, कोलकाता और मालदा जिले के कालियाचक तक आरोपियों का पीछा किया।
जांच में खुलासा हुआ कि चोरी किए गए महंगे फोन कालियाचक के ‘चोर बाजार’ के जरिए भारत-बांग्लादेश सीमा तक पहुंचाए जाते थे।करीब 10 दिनों की कड़ी मेहनत और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने 34 वर्षीय आरोपी टीपू सुल्तान को गिरफ्तार किया, जो गिरोह का “फोन लिफ्टर” था। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में हैंडलर, रेकी करने वाले और जेबकतरे शामिल होते हैं। आरोपी का भाई सलमान शेख, जो हैंडलर है, फिलहाल फरार है।
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह मुंबई आने के लिए 14 से 16 हजार रुपये तक हवाई यात्रा पर खर्च करता था और लॉज में ठहरता था। इसके बाद 80 हजार से 1.5 लाख रुपये कीमत के महंगे मोबाइल फोन चोरी कर उन्हें सीमा के पास बेच देता था।फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के प्रयास जारी हैं।


