श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट) अभिजीत बांगर ने जल अभियंता विभाग की विशेष समीक्षा बैठक में दूषित पानी की शिकायतों का तात्कालिक और सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, जल पाइपलाइनों में हो रही लीकेज को जल्द से जल्द खोजने और उसे ठीक करने के लिए विशेष टीमों की तैनाती के आदेश भी जारी किए गए हैं।


बैठक के दौरान बांगर ने कहा कि हाल के दिनों में शहर के कुछ इलाकों से कम दबाव और अपर्याप्त जल आपूर्ति की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को तुरंत स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए और आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।


उन्होंने सुझाव दिया कि जरूरत पड़ने पर जल वितरण प्रणाली में बदलाव, ज़ोनिंग सिस्टम में सुधार, पाइपलाइन लीकेज की त्वरित मरम्मत, संरचनात्मक सुधार और अतिरिक्त बूस्टिंग जैसे उपाय किए जा सकते हैं।
बांगर ने यह भी निर्देश दिया कि पानी की समस्या से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी जाए और उनके साथ संयुक्त निरीक्षण भी किए जाएं, ताकि क्षेत्रीय समस्याओं की सटीक जानकारी मिल सके।
दूषित पानी की शिकायतों को अत्यंत गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि इन मामलों में ‘एक्सट्रीम अर्जेंसी’ के साथ कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि देरी से जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसके लिए 24×7 आधार पर विशेष टीमों का गठन कर परिमंडल स्तर पर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जल अभियंता विभाग के सभी उपविभागों—पानी आपूर्ति, निर्माण, योजना और रखरखाव—के बीच नियमित समन्वय और संवाद जरूरी है, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।साथ ही, जल आपूर्ति परियोजनाओं में देरी होने पर जिम्मेदारी तय कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि शहर में चल रहे सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों के कारण कई जगह पाइपलाइनों को नुकसान पहुंच सकता है या उन्हें स्थानांतरित करना पड़ सकता है, जिससे जल आपूर्ति बाधित हो सकती है। ऐसी स्थिति में तत्काल मरम्मत या नई पाइपलाइन बिछाने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि बढ़ती गर्मी, पानी की मांग और आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए बीएमसी मुख्यालय में यह विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें जल अभियंता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


