मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के भाभा अस्पताल में कार्यरत 13 लैब टेक्नीशियनों के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायत के अनुसार ये कर्मचारी आवश्यक पंजीकरण के बिना काम कर रहे हैं। इस मामले में महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए बीएमसी आयुक्त को समन जारी किया है और 28 अप्रैल को पेश होने का आदेश दिया है।


शिकायतकर्ता एडवोकेट तुषार भोसले ने सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के आधार पर दावा किया है कि अस्पताल में कार्यरत 13 टेक्नीशियन महाराष्ट्र परिचारिका और पैरामेडिकल परिषद अधिनियम, 2011 के तहत अनिवार्य पंजीकरण के बिना सेवाएं दे रहे हैं।शिकायत में कहा गया है कि बिना पंजीकरण वाले कर्मियों द्वारा मेडिकल जांच रिपोर्ट संभालना मरीजों के जीवन के लिए खतरा बन सकता है और यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग की सदस्य न्यायमूर्ति स्वप्ना जोशी ने बीएमसी आयुक्त को 28 अप्रैल को सुबह 11 बजे कोर्ट नंबर 2 में व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित दस्तावेज और जांच रिपोर्ट की दो प्रतियां प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।
बताया गया है कि शिकायतकर्ता ने इससे पहले अस्पताल प्रशासन और महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल के समक्ष भी इस मुद्दे को उठाया था। काउंसिल के रजिस्ट्रार ने भी बीएमसी को पत्र लिखकर पंजीकरण अनिवार्य होने की जानकारी दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा।


