श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता



बृहन्मुंबई महानगरपालिका की महापौर रितू तावडे ने अंधेरी पूर्व विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं और नागरिकों की समस्याओं को लेकर आज महापौर कार्यालय में समीक्षा बैठक की। इस बैठक में क्षेत्र के विधायक मुरजी पटेल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


बैठक में मरोल मंडई और मरोळ अस्पताल के पुनर्विकास पर चर्चा की गई। प्रशासन ने बताया कि अस्पताल पुनर्विकास के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अंतिम प्रस्ताव जल्द मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि मंडई के लिए प्राथमिक कार्यवाही जारी है।


महापौर ने विकास योजना के अंतर्गत सड़कों के काम तेज करने, प्रभावित लोगों के उचित पुनर्वास और सड़क सीमांकन जल्द तय करने के निर्देश दिए। अंधेरी सबवे में हर मानसून में जलभराव की समस्या को देखते हुए उन्होंने पुल विभाग और रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय कर स्थायी समाधान निकालने को कहा।
सुभाषनगर, गुंदवली टेकड़ी, शिव वसाहत, कनाकिया रेन फॉरेस्ट, मरोळ हिलटॉप और चर्च मार्ग जैसे क्षेत्रों में पानी की समस्या दूर करने के लिए नए जलकुंभ (वॉटर टैंक) के लिए स्थान चिन्हित कर सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए।
क्षेत्र में सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिस चौकी हेतु जमीन उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। महापौर ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन के बीच संयुक्त बैठक आयोजित करने को कहा।
जिन इमारतों को अभी तक ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट नहीं मिला है, उनके निवासियों को अतिरिक्त पानी बिल से राहत देने के लिए अभय योजना लागू करने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी भी दी गई।
इसके अलावा कोंडिविटा नाले के चौड़ीकरण का काम मानसून से पहले शुरू करने, सागबाग और मरोल स्थित हिंदू श्मशानभूमि के विकास कार्यों को गति देने, तथा महानगरपालिका स्कूलों में सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए गए। छह स्कूलों की मरम्मत और कोंडिविटा स्कूल की नई इमारत को जल्द शुरू करने पर भी जोर दिया गया।
मरोल जलवाहिनी क्षेत्र की झोपड़पट्टी पुनर्वसन योजना पर महापौर ने आश्वासन दिया कि प्रस्ताव आयुक्त स्तर पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
इसके साथ ही चकाला स्थित म्हाडा भूखंड पर खेल मैदान को पुनः महानगरपालिका के कब्जे में लेने और के दक्षिण विभाग में पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। महापौर ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र करने के निर्देश दिए।


