श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) की आयुक्त अश्विनी भिड़े ने मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर सभी विभागों और संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम तेजी से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केवल तैयारी ही नहीं, बल्कि उसकी प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।


बीएमसी मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न प्राधिकरणों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जहां बारिश से पहले शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।


■ जलभराव से निपटने की तैयारी
मुंबई में 93 स्थानों पर जलनिकासी धीमी पाई गई है। इन जगहों पर विशेष ध्यान देते हुए 547 पोर्टेबल डी-वॉटरिंग पंप लगाए जाएंगे। साथ ही 1 मई से सभी प्रमुख पंपिंग स्टेशन चालू कर दिए जाएंगे और 15 मई से 24×7 स्टाफ तैनात रहेगा।
जलभराव की स्थिति से तुरंत निपटने के लिए 10 मोबाइल पंपिंग वाहन भी तैनात किए जाएंगे।
■ सड़क और ट्रैफिक सुधार
बीएमसी के अनुसार, कंक्रीट रोड प्रोजेक्ट के पहले चरण का 83% और दूसरे चरण का 60% काम पूरा हो चुका है। 31 मई तक सभी सड़क कार्य सुरक्षित स्थिति में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
खड्डों की शिकायत के लिए “पॉटहोल क्विकफिक्स” ऐप भी तैयार किया गया है, जिससे नागरिक सीधे शिकायत दर्ज कर सकेंगे।
■ नाले और नदी सफाई
मिठी नदी और बड़े नालों की सफाई का काम तेजी से जारी है। अभी तक क्रमशः 27% और 39% गाद निकालने का काम पूरा हो चुका है, जिसे मानसून से पहले तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया।
■खतरनाक इमारतों पर चेतावनी
मुंबई में 174 इमारतों को अत्यंत खतरनाक घोषित किया गया है। इनमें रहने वाले लोगों को तुरंत घर खाली करने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी निवासियों की होगी यदि वे समय रहते स्थान खाली नहीं करते।
■रेलवे और मेट्रो समन्वय
सेंट्रल रेल्वे और मेट्रो प्राधिकरण के साथ मिलकर जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम सुधारने, पंप क्षमता बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
■ पेड़ और पर्यावरण सुरक्षा
करीब 1.9 लाख पेड़ों का सर्वे किया गया है, जिसमें से हजारों पेड़ों की छंटाई और खतरनाक पेड़ों को हटाने का काम जारी है। यह कार्य जून तक पूरा करने का लक्ष्य है।
■ आपदा प्रबंधन और सुरक्षा
मुंबई फायर ब्रिगेड ने 6 फ्लड रेस्क्यू टीम और अत्याधुनिक बोट तैयार रखी हैं। समुद्र तटों पर लाइफगार्ड्स की तैनाती बढ़ाई गई है, खासकर हाई टाइड के समय अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
■ स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
बरसात में फैलने वाली बीमारियों को देखते हुए 1500 से अधिक अस्पताल बेड रिजर्व रखे गए हैं। मलेरिया, डेंगू और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
आयुक्त अश्विनी भिडे ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग समयसीमा में काम पूरा करें और समन्वय में कोई कमी न रहे, ताकि मुंबई में मानसून के दौरान नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।


