श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई के धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद Varsha Gaikwad ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार उद्योगपति गौतम अडानी के हित में काम करते हुए धारावी के 90% स्थानीय निवासियों को ‘अपात्र’ ठहराकर बेघर करने की साजिश रच रही है।



सोमवार को धारावी में निकाले गए जनआक्रोश मोर्चे में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। इस दौरान अनिल देसाई , ज्योति गायकवाड़ और महेश सावंत समेत कई नेताओं ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।



मीडिया से बात करते हुए वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि सरकार धारावीकरों को विश्वास में लिए बिना पुनर्विकास का काम आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों को यह तक नहीं बताया जा रहा कि उन्हें घर और दुकान कहां मिलेंगे। वैध दस्तावेज होने के बावजूद लोगों को अयोग्य घोषित करना अन्याय है।


उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक धारावी के लोगों को भरोसे में नहीं लिया जाता, तब तक “एक भी ईंट नहीं हिलने दी जाएगी।” गायकवाड़ ने मांग की कि धारावी के लोगों का पुनर्वास धारावी में ही किया जाए और “घर के बदले घर, दुकान के बदले दुकान” दिया जाए।
सांसद ने यह भी कहा कि धारावी के लघु उद्योग, धार्मिक स्थल और कोलीवाड़ा क्षेत्रों का पुनर्विकास उसी स्थान पर होना चाहिए। साथ ही शाहू नगर जैसी बड़ी बस्तियों के पुनर्वास पर भी जल्द निर्णय लेने की मांग की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे और मनपा के नाम पर झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है और बीकेसी के पास की कीमती जमीन को मॉल और पांच सितारा होटलों के लिए इस्तेमाल करने की योजना है।
गायकवाड़ ने कहा कि यह लड़ाई केवल घरों की नहीं, बल्कि धारावी के लोगों के अस्तित्व की है और कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।


