मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई महापालिका में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने पार्षदों की अनुशासनहीनता पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब भाजपा पार्षदों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली के जरिए दर्ज की जाएगी। इसके लिए पार्टी कार्यालय में विशेष मशीन भी स्थापित कर दी गई है।


दरअसल, पिछले सप्ताह महापालिका की बैठक के दौरान भाजपा को उस समय शर्मिंदगी झेलनी पड़ी, जब उसके कई पार्षद समय पर सदन में नहीं पहुंच सके। इसका फायदा उठाते हुए विपक्ष ने संख्याबल के आधार पर ‘तात्कालिक कार्य’ (तत्काल प्रस्ताव) को खारिज कर दिया। भाजपा के पास बहुमत होने के बावजूद, पार्षदों की अनुपस्थिति के कारण उसे हार का सामना करना पड़ा।


मुंबई महापालिका चुनाव में भाजपा के सबसे ज्यादा 89 पार्षद चुने गए हैं और शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ मिलकर महायुति की सत्ता है। इसके बावजूद हालिया घटनाक्रम ने सत्ताधारी दल की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए।
इस घटना के बाद पार्टी नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया। सभागृह नेता गणेश खणकर ने सभी 89 पार्षदों को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही, भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
खणकर ने बताया कि अब हर पार्षद के आने और जाने का समय रिकॉर्ड में दर्ज होगा। कई पार्षद सीधे सभागृह में पहुंच जाते थे या बिना पार्टी कार्यालय आए ही निकल जाते थे, लेकिन अब कार्यालय में हाजिरी दर्ज करना अनिवार्य होगा।
महापालिका की विभिन्न समितियों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संख्या लगभग बराबर है। ऐसे में प्रस्ताव पारित कराने के लिए हर सदस्य की उपस्थिति बेहद जरूरी हो जाती है। महायुति ने बढ़त बनाए रखने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चार पार्षदों का भी समर्थन लिया है, जिससे समितियों में उनका बहुमत सिर्फ एक सदस्य का रह गया है।
गौरतलब है कि कुछ साल पहले प्रशासन ने सभी पार्षदों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति का प्रस्ताव रखा था, ताकि केवल हस्ताक्षर कर अनुपस्थित रहने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके। हालांकि, वह योजना कभी लागू नहीं हो पाई थी। अब भाजपा ने अपने स्तर पर यह व्यवस्था लागू कर अनुशासन सुनिश्चित करने की कोशिश की है।


