मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के अंधेरी पूर्व स्थित सेवन हिल्स अस्पताल को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद के बाद अब बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने नई कंपनी के साथ समझौता करने का फैसला किया है। केपी ग्लोबल हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड को अस्पताल संचालन की जिम्मेदारी सौंपे जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। सेवन हिल्स अस्पताल के लिए मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले ही केपी ग्लोबल के साथ पार्टनरशिप कर चुकी है।
मुंबई मनपा ने वर्ष 2004 में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत सेवन हिल्स अस्पताल परियोजना शुरू की थी। इसके तहत 1300 बेड वाला बड़ा अस्पताल विकसित किया जाना था, जिसमें बीएमसी मरीजों के लिए 20 प्रतिशत बेड आरक्षित रखने की शर्त थी।


शुरुआत में सेवन हिल्स हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड ने अस्पताल का संचालन किया, लेकिन कंपनी ने अनुबंध की कई शर्तों का पालन नहीं किया। इसके कारण अस्पताल पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो सका और संपत्ति कर का भुगतान भी नहीं हुआ। साथ ही बीएमसी मरीजों को अपेक्षित सेवाएं भी नहीं दी गईं। इन्हीं कारणों से वर्ष 2018 में कंपनी को नोटिस जारी किया गया था।
इसके बाद मामला अदालत पहुंच गया। इस बीच कोविड महामारी के दौरान सेवन हिल्स अस्पताल का उपयोग कोविड अस्पताल के रूप में किया गया और मनपा ने यहां बेड की संख्या बढ़ाई। बाद में अस्पताल संचालन के लिए
■।कई कंपनियों ने प्रस्ताव दिए।
183.51 करोड़ रुपये बकाया राशि चुकाने पर सहमति
कंपनी ने मनपा की 183.51 करोड़ रुपये की बकाया राशि चुकाने पर सहमति जताई है। साथ ही अगले पांच वर्षों में 400 करोड़ रुपये का निवेश कर 1500 बेड वाला अत्याधुनिक अस्पताल विकसित करने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा महानगरपालिका के मरीजों के लिए 300 बेड आरक्षित रखने की भी योजना है।
बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब बीएमसी तथा केपी ग्लोबल के बीच अंतिम समझौते की प्रक्रिया जारी है।
■ मंजूरी से पहले कैसे दिया गया एनओसी?
सेवन हिल्स अस्पताल को संबंधित कंपनी को देने के लिए 15 दिसंबर को ही तत्कालीन मनपा आयुक्त भूषण गगराणी ने एनओसी दे दी थी। इस अस्पताल को अंबानी को देने का शुरू से विरोध कर रहे पूर्व उपमहापौर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश शर्मा ने सवाल उठाया है कि बिना मनपा सदन और सुधार समिति की मंजूरी के तत्कालीन आयुक्त ने अपने कार्यकाल में यह मंजूरी कैसे दे दी।
■ जमीन पर है नजर
राजेश शर्मा का आरोप है कि शुरू से ही अस्पताल की जमीन पर अंबानी समूह की नजर रही है। सेवन हिल्स अस्पताल 17 एकड़ में फैला हुआ है और अंबानी समूह अस्पताल की आड़ में जमीन को अपने अधीन लेना चाहता है। शर्मा ने कहा कि महीनों तक बंद रहने के बाद यह अस्पताल उनके प्रयासों से कोविड काल में शुरू हुआ था, जहां रोजाना लगभग 1800 कोविड मरीजों का इलाज होता था।
उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल अंबानी समूह के अधीन चला गया तो गरीबों की पहुंच इलाज तक सीमित हो जाएगी। शर्मा ने महापौर ऋतु तावड़े से मांग की है कि इस अस्पताल का संचालन मनपा द्वारा ही किया जाए।
इन विवादों के बीच मनपा ने केपी ग्लोबल के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। माना जा रहा है कि केपी ग्लोबल के प्रस्ताव को मंजूरी मिलना यानी यह अस्पताल सीधे मुकेश अंबानी समूह की झोली में डालने जैसा निर्णय है।


