मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

अंधेरी (पूर्व) स्थित कोंडिविटा क्षेत्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की नई सीबीएसई स्कूल इमारत का शनिवार को लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा मुंबई उपनगर के पालकमंत्री Ashish Shelar ने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक और तकनीक आधारित शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें संस्कारों का विकास भी होना चाहिए।


इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुंबई की महापौर Ritu Tawde ने की। समारोह में विधायक Murji Patel, प्रभाग समिति अध्यक्ष प्रकाश मुसळे, नगरसेविका केशरबेन पटेल, ममता यादव, दिशा यादव, अंजली सामंत, नगरसेवक रितेश राय, पूर्व नगरसेवक कमलेश राय, शिक्षा विभाग की उप आयुक्त डॉ. प्राची जांभेकर समेत अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, अभिभावक और नागरिक उपस्थित थे।


पालकमंत्री आशिष शेलार ने कहा कि जिस स्थान पर आज यह आधुनिक विद्यालय खड़ा है, वहां कुछ वर्ष पहले खाली जमीन थी। विधायक मुरजी पटेल के लगातार प्रयास और महानगरपालिका प्रशासन के सहयोग से यहां अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने यह भी कहा कि उनका और उनके भाई-बहनों का शिक्षण भी महानगरपालिका स्कूलों में हुआ है, इसलिए बीएमसी स्कूलों से उनका विशेष भावनात्मक संबंध है।
महापौर रितू तावडे ने कहा कि सात मंजिला यह विद्यालय मात्र दो वर्षों में तैयार हुआ है। इससे कोंडिविटा गांव, लहुजी साळवे नगर, विजयनगर, साईबाबा नगर और मरोळ पाइपलाइन क्षेत्र सहित आसपास के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण अब किसी भी छात्र और उसके परिवार का सपना अधूरा नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि विद्यालय में अब तक 304 विद्यार्थियों का प्रवेश हो चुका है।
विधायक मुरजी पटेल ने कहा कि पालकमंत्री आशिष शेलार और बीएमसी के सहयोग से कम समय में इस परियोजना को मंजूरी मिली और विद्यालय की इमारत तैयार हुई, जिससे क्षेत्र के जरूरतमंद विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
बीएमसी की उप आयुक्त (शिक्षा) डॉ. प्राची जांभेकर ने बताया कि इस वर्ष से विद्यालय में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। भूतल सहित छह मंजिलों वाली इस इमारत में 35 कक्षाएं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, वर्चुअल क्लासरूम, डिजिटल क्लासरूम, सभागार, पोषण आहार वितरण कक्ष, दो लिफ्ट और वाहन पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। विद्यालय भवन का निर्माण फरवरी 2024 में शुरू हुआ था और दो वर्षों में इसे पूरा कर लिया गया।


