मुंबई वार्ता/हरीश चंद्र पाठक

देश के पारंपरिक खेलों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उन्हें विलुप्त होने से बचाने के उद्देश्य से चेंबूर हाई स्कूल में उपनगर जिला विटी-दांडू एसोसिएशन मुंबई और युवा चेंबूर प्रतिष्ठान के संयुक्त तत्वावधान में मुंबई महापौर चषक गुल्ली-डंडा प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


गुल्ली-डंडा प्रतियोगिता को देखने के लिए भी छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर एम-पश्चिम प्रभाग समिति की अध्यक्ष आशा मराठे, शिक्षण समिति की अध्यक्षा राजेश्री शिरवाड़कर, चेंबूर के युवा समाजसेवक जयप्रकाश अग्रवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


समाजसेवक जयप्रकाश अग्रवाल ने स्वयं मैदान में उतरकर गुल्ली-डंडा खेला और कहा कि इस पारंपरिक खेल का आनंद लेकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में महाराष्ट्र की मिट्टी से जुड़े गुल्ली-डंडा जैसे खेलों को संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
अग्रवाल ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए वाबले सर और लिमकर सर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खिलाड़ियों का उत्साह, दर्शकों की सहभागिता और महाराष्ट्र के पारंपरिक खेलों के प्रति लोगों का प्रेम देखकर खुशी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ देशी खेलों को नई पहचान और ऊर्जा प्रदान कर रही हैं।


