मुंबई वार्ता। श्रीश उपाध्याय
मुंबई क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया के जरिए कारोबारियों को बदनाम करने और उनसे जबरन वसूली करने वाले एक कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब मुलुंड के एक व्यवसायी ने पुलिस से शिकायत कर बताया कि कुछ लोग खुद को एक ऑनलाइन न्यूज चैनल और सरकारी अधिकारियों का प्रतिनिधि बताकर उससे पैसे की मांग कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने व्यवसायी को धमकी दी थी कि यदि उसने बड़ी रकम नहीं दी तो उसके कारोबार को बंद कराने और उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर एक फर्जी वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। आरोपियों ने कथित तौर पर ऐसा भ्रामक वीडियो तैयार किया था, जिसमें शिकायतकर्ता की दुकान पर बिकने वाले डेयरी उत्पादों को घटिया और उपभोक्ताओं के लिए असुरक्षित बताया गया था।
व्यवसायी को चेतावनी दी गई थी कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित कर उसकी साख और कारोबार को भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, वसूली की रकम का एक हिस्सा ऑनलाइन लिया गया, जबकि बाकी रकम नकद में मांगी गई थी।
शिकायत मिलने के बाद क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट और क्राइम ब्रांच यूनिट-5 की संयुक्त टीम ने मुलुंड के सोनापुर सिग्नल इलाके में जाल बिछाया। 14 जून को पुलिस ने शिकायतकर्ता से नकद रकम लेते समय एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
मुलुंड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत जबरन वसूली, आपराधिक धमकी, साजिश और सबूत नष्ट करने सहित विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
गिरफ्तार 40 वर्षीय आरोपी, जो मुलुंड का निवासी है, को 15 जून को मुंबई स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट, फोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे 18 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस कथित वसूली गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं तथा क्या इसी तरीके से अन्य कारोबारियों को भी निशाना बनाया गया था। सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाने और अन्य संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास जारी है।
मुंबई पुलिस आयुक्त देवन भारती, सह पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त राज तिलक रौशन के निर्देशानुसार उक्त कार्रवाई क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की गई।