मुंबई वार्ता संवाददाता

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दिवंगत नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में उनके परिवार ने मुंबई पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए विशेष अदालत का रुख किया है। बाबा सिद्दीकी की पत्नी शहज़ीन सिद्दीकी ने विशेष अदालत में याचिका दायर कर मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को आरोपी गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की कस्टडी लेने का निर्देश देने की मांग की है।


याचिका में आरोप लगाया गया है कि अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के बावजूद क्राइम ब्रांच ने अब तक अनमोल बिश्नोई को इस मामले में हिरासत में लेने की कोई पहल नहीं की। परिवार का आरोप है कि जांच एजेंसी बाहरी दबाव के कारण मामले के असली साजिशकर्ताओं को बचाने की कोशिश कर रही है और इसी वजह से कार्रवाई में टालमटोल की जा रही है।
याचिका अधिवक्ता प्रदीप घरत और त्रिवनकुमार कर्णानी के माध्यम से दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि अनमोल बिश्नोई से पूछताछ से उन लोगों की भूमिका सामने आ सकती है जिन्होंने हत्या की साजिश रची और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिलाया।
परिवार ने अदालत को बताया कि अनमोल बिश्नोई को नवंबर 2025 में अमेरिका से भारत लाया गया था। फिलहाल वह 2022 के एक मामले में, जिसमें भारत के आपराधिक गिरोहों और प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के कथित गठजोड़ की जांच चल रही है, दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
याचिका में यह भी दावा किया गया कि बाबा सिद्दीकी की बेटी अर्शिया सिद्दीकी ने स्वयं प्रयास कर यह पता लगाया था कि अनमोल बिश्नोई पहले अमेरिका के आयोवा में हिरासत में था और बाद में उसे भारत भेजा गया। वहीं बेटे जीशान सिद्दीकी द्वारा जांच के दौरान दिए गए बयानों और बताए गए नामों पर भी पुलिस ने कथित रूप से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
परिवार की ओर से दायर आरटीआई आवेदनों में यह जानना चाहा गया था कि पुलिस अनमोल बिश्नोई की कस्टडी या प्रत्यर्पण के लिए क्या कदम उठा रही है, लेकिन पुलिस ने इस संबंध में जानकारी देने से इनकार कर दिया।
विशेष अदालत ने इस याचिका पर मुंबई पुलिस के अभियोजन पक्ष को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि अनमोल बिश्नोई अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में भी वांछित आरोपी है। उसने हाल ही में उस मामले की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण की इच्छा जताई थी, लेकिन उस मामले में भी पुलिस ने अब तक उसकी कस्टडी नहीं मांगी है।
उल्लेखनीय है कि 12 अक्टूबर 2024 को 66 वर्षीय बाबा सिद्दीकी की बांद्रा पूर्व स्थित उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में फरवरी 2026 में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) सहित हत्या के आरोपों में 27 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा मामला कथित तौर पर बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है।


